


० उच्च शिक्षा सचिव आर प्रसन्ना थे मुख्यअतिथि

दुर्ग। स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय धनोरा, दुर्ग में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा “English as a Medium of Instruction: Challenges and Solution in Chhattisgarh” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग सचिव आर प्रसन्ना थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डाॅ राजेश पाण्डेय ने की।

कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती पूजन एवं वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि का स्वागत अतिरिक्त संचालक डाॅ राजेश पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संयुक्त संचालक डॉ. जीए घनश्याम एवं अतिरिक्त संचालक डाॅ राजेश पाण्डेय का स्वागत महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य विकास पंचाक्षरी द्वारा किया गया। अध्यक्ष डाॅ राजेश पाण्डेय ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य वक्ता डॉ. जीए घनश्याम द्वारा एक शिक्षक की भूमिका में उसके व्यक्तित्व एवं शिक्षण विधि को बेहतर बनाने पर जोर दिया। साथ ही आत्मविश्वास, जागरूकता, स्वप्रबंधन पर नियंत्रण की बात कही। अंग्रेजी माध्यम के लिए एक समुचित वातावरण निर्माण करने की आवश्यकता पर सम्पूर्ण सम्बोधन तथ्यात्मक बातों को समेटते हुए रोचक था।
सचिव उच्च शिक्षा, प्रसन्ना आर. ने समस्त सेजस महाविद्यालय के प्राचार्यों एवं सेमिनार में अपनी भागीदारी देने आए महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होने अंग्रेजी शिक्षण में आने वाली समस्या और चुनौतियों का उल्लेख किया। आयोजन में आए प्रतिभागियों ने अंग्रेजी शिक्षण से संबंधित अपने अनुभव साझा किए। सचिव ने इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों से भी चर्चा की।
आयोजन के टेक्निकल सेशन में वक्ता के रूप में डॉ. देवयानी चौबे सहायक प्राध्यापक SSTC भिलाई द्वारा अपने वक्तव्य में विद्यार्थियों की हिन्दी अच्छी होगी। तभी उनकी इंग्लिश भी अच्छी होगी, इसके लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है। साथ ही भाषा के प्रति गंभीरता भी होनी चाहिए। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त भास्कर गंटी ने कक्षा शिक्षण एवं बाह्य शिक्षण में समानता की बात कही। बच्चों पर मातृभाषा का प्रभाव होता है। डॉ. शिशिरकणा भट्टाचार्य फैकल्टी डाइट नें हिन्दी इंग्लिश भाषा शिक्षण में होने वाली त्रुटियों को बताते हुए शिक्षक को कम से कम दो भाषा का ज्ञान होना आवश्यक बताया। अंतिम वक्ता के रूप में डॉ. चंद्रशेखर शर्मा फैकल्टी CSIT दुर्ग ने अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके समुचित वातावरण, टेक्निक, जागरूकता, योजना के प्रबंधन की बात की। समस्त वक्ताओं के द्वारा प्रभावी एवं ज्ञानवर्धित वक्तव्य दिया गया। आयोजन में अतिथि एवं वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सेजस महाविद्यालय महासमुंद प्राचार्य डॉ. अनुसूइया अग्रवाल एवं सेजस महाविद्यालय अटारी रायपुर की प्राचार्य डॉ. अभया आर. जोगलेकर ने महाविद्यालय के प्राचार्य को बधाई देते हुए ऐसे कार्यक्रम हर महाविद्यालय में होने की बात कही। साइंस कॉलेज दुर्ग के प्राचार्य डॉ. एके सिंह एवं कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप, परीक्षा नियंत्रक हेमचंद यादव विश्वविद्यालय डॉ. राजमणी पटेल, सहायक कुलसचिव हिमांशु मंडावी ने आयोजक महाविद्यालय के प्राचार्य विकास पंचाक्षरी एवं समस्त महाविद्यालय परिवार को बधाई दी। अंत मे श्री पंचाक्षरी ने आभार व्यक्त किया। सम्पूर्ण आयोजन में महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापक श्रीमती कल्पना पाण्डेय शुक्ला, डॉ. हेमा कुलकर्णी, डॉ. स्वाति तिवारी, विश्वनाथ ताम्रकार, सुश्री श्वेता साव, सुश्री छाया साहू, श्रीमती शाहिस्ता, डॉ. संदीप कुमार की भागीदारी सराहनीय रही।
