दूध के क्वालिटी उत्पादन, नवाचार और अनुसंधान पर जोर

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० दुग्ध उत्पादन में चुनौतियों पर राजधानी में राष्ट्रीय सम्मेलन

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रायपुर। दुग्ध महाविद्यालय रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य में दुग्ध उत्पादन की चुनौतियां, संभावनाओं और नवाचार पर मंथन करने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। दुग्ध उत्पादन जीवन यापन और स्वास्थ्य में परिवर्तन के लिए स्थिर दृष्टिकोण विषय पर आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग एवं इंडियन डेयरी एसोसिएशन (पश्चिम क्षेत्र) मुंबई द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भारत विश्व में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने दुग्ध उत्पादन में गुणवत्ता, पोषण तथा टिकाऊ तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।
सम्मेलन का उद्घाटन समारोह डॉ.सी.राजेश्वरी ऑडिटोरियम श्री सत्य सांई सौभाग्यम अटल नगर, नवा रायपुर में हुआ। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंंकराम वर्मा, विशिष्ट अतिथि एस.राजीव कार्यकारी निदेशक राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आरएस सोढ़ी अध्यक्ष इंडियन डेयरी एसोसिएशन, डॉ. ज्ञानेंद्र मणि मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड एवं डॉ. विक्रम सिसोदिया अध्यक्ष डेयरी ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आरआरबी सिंह कुलपति, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में कुलपति डॉ सिंह ने बताया कि डेयरी का क्षेत्र छत्तीसगढ़ में आजीविका का प्रमुख साधन है और कामधेनु विश्वविद्यालय अपने नियमित गतिविधियों में राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने वाले कार्यक्रम शामिल करेगी। विशिष्ट अतिथि एस. राजीव कार्यकारी निदेशक राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ डेयरी विकास हेतु किए गए MoU को साझा किया। साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड छत्तीसगढ़ राज्य में नए सोसायटियों की रचना कर दुग्ध संकलन को बढ़ाने में प्रयासरत है। सम्मेलन में देश भर के दुग्ध एवं पशुपालन से संबंधित विषय विशेषज्ञों का तकनीकी व्याख्यान भी आयोजित है। सम्मेलन के अवसर पर क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें देश भर के विभिन्न 25 डेयरी एवं खाद्य विज्ञान महाविद्यालय एवं संयंत्रों की टीमें भाग ले रही हैं। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा द्वारा दुग्ध उत्पादन करने वाली प्रदेश के 7 किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, प्राध्यापक/वैज्ञानिक, अध्यनरत छात्र-छात्राएं, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 300 किसानो, 150 छात्र-छात्राओं, 150 औद्योगिक प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

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