
दुर्ग। जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म-हत्या के मामले में पुलिस ने 3 संदेहियों के सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे थे। सोमवार को डीएनए सैंपल रिपोर्ट आया जिसमें दुष्कर्म और हत्या के आरोप में बच्ची के चाचा का डीएनए सैंपल मैच पाया गया है l
पत्रकार वार्ता के दौरान एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि आरोपी सोमेश यादव द्वारा पुलिस को गुमराह किया जाता रहा है l पहले उसने बताया कि वह घर में मौजूद नहीं था, काम करने गया था। पुलिस द्वारा जहां का पता बताया गया, वहां जांच करने पर पता चला वह काम पर नहीं आया था। घटना के बाद से ही पुलिस के साथ रहकर पुलिस को ही गुमराह करता रहा शक के आधार पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस द्वारा उसके रूम की तलाशी के दौरान कुछ सबूत भी मिले थे। आरोपी द्वारा हत्या के बाद बच्ची की लाश को कार में रख दिया गया था।
एडिशनल एसपी श्री राठौर ने बताया कि एक घर में सीसीटीवी लगा हुआ था पर घर वाले सुबह 6 बजे के बाद शाम 6 बजे तक कैमरा बंद कर देते थे। जिसकी वजह से रिकॉर्डिंग नहीं हो पाया। आरोपी को यह भी पता था कि कार का एक दरवाजा लॉक नहीं होता है l
दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला द्वारा गठित एसआईटी (SIT) टीम ने जांच शुरू कर दी है। एसआईटी ने मृत बच्ची के पड़ोस में रहने वाले 20 लोगों का बयान दर्ज किया है। एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि एसआईटी टीम की जांच अभी चल रही है l
मृत बच्ची के परिजन आरोपी के बचाव में उतर गए हैं। उनका कहना था कि बेवजह फंसाया जा रहा है। परिजनों के आरोप के बाद इस मामले में अलग ही रुख अख्तियार कर लिया है। जिसके बाद पुलिस ने एसआईटी का गठन किया तथा जांच के लिए डीएनए भेजा गया ताकि मामले की जल्दी विवेचना की जा सके और आरोपी को सजा दिलाई जा सके। पत्रकार वार्ता में दुर्ग सीएसपी चिराग जैन, भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी, डीसीपी क्राइम अजय कुमार सिंह, मोहन नगर थाना प्रभारी शिव चंद्र मौजूद थे l
