


दुर्ग। राज्य सरकार ने घरेलू बिजली में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट दरों में बढ़ोतरी कर दी है। जिससे उपभोक्ता पर इसका सीधा असर पड़ेगा। बिजली दरों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार आम उपभोक्ताओं के जेब में डाका डाल रही है। पूर्व में हमारी कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हाफ और आधा माफ करने की योजना चलाई थी। जिससे प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल रही थी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से पहले ही उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली बिल दिया जा रहा है। गरीब परिवार पहले ही महंगाई से जूझ रहा है। अब बिजली दर में वृद्धि का खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ेगा। महंगी बिजली का असर उद्योग एवं दुकानों पर भी पड़ेगा। श्री साहू ने कहा है कि प्रति यूनिट 10 पैसे से लेकर 20 पैसे बिजली बिल में बढ़ोतरी करके डबल इंजन की भाजपा सरकार ने आम आदमी को परेशान करने का काम किया है। राज्य सरकार बिजली बिल में वृद्धि वापस ले। जिससे आम आदमी को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि बिजली दर वृद्धि का निर्णय बेहद निंदनीय है। यह फैसला प्रदेश की आम जनता, विशेषकर गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों की जेब पर सीधी चोट है। उन्होंने मांग की है कि सरकार अपना फैसला वापस लें। साथ ही सरकार ऊर्जा नीति में पारदर्शिता लाए और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दें। उद्योग तथा व्यावसायिक संस्थानों में भी 20 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल दरों में वृद्धि होगी तो घरेलू सामान के दाम बढने से महंगाई भी बढ़ेगी। आम आदमी परेशान है। बिजली बिल में बढ़ोतरी करके राज्य सरकार गरीब परिवारों के जेब में डाका डाल रही है। अतः इसे वापस लिया जाना चाहिए।

