


दुर्ग। दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में अध्ययनरत् एमव्हीएससी के दो शोधार्थियों ने हैदराबाद तेलंगाना में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता कंपाउंड लाइवस्टॉक फीड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CLFMA) ऑफ इंडिया के 66वें राष्ट्रीय संगोष्ठी में पुरस्कार जीतकर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। प्रत्येक विजेता को पदक, प्रशस्ति पत्र एवं 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया गया।

डॉ.भूपिका देवांगन ने “एक्वा फीड निर्माण हेतु मछली प्रसंस्करण अपशिष्ट के उपयोग की व्यवहार्य तकनीक का मूल्यांकन” विषय पर निबंध प्रस्तुत कर एक्वा सेक्टर में पुरस्कार हासिल किया।
डॉ.आशीष तिवारी ने “पोस्ट-वीनिंग डायरिया में शामिल कारक और उसके निवारण के उपाय” विषय पर अपने निबंध के लिए स्वाइन सेक्टर में पुरस्कार प्राप्त किया।
पुरस्कार वितरण कंपाउंड लाइवस्टॉक फीड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष दिव्य कुमार गुलाटी, केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, तेलंगाना राज्य के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य मंत्री वाकिति श्रीहरि, प्रेसिडेंट WVPA एवं अधिष्ठाता मुंबई पशुचिकित्सा महाविद्यालय अजित रानाडे तथा सीएलएफएमए ऑफ इंडिया प्रबंध समिति सदस्य विजय डी.भंडारे द्वारा किया गया।
इस उपलब्धि पर कामधेनु विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. आरआरबी. सिंह, कुलसचिव डॉ. बीपी राठिया, अधिष्ठाता डॉ. संजय शाक्य, अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय, कवर्धा एवं पशु पोषण विभागाध्यक्ष डॉ. एमके गेंदले एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी ने हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है।
