‘नाचा’ को गांव से लेकर पहुंचाया देश-विदेश तक; एक्टर और गम्मतिहा के साथ फिल्म डायरेक्टर भी | Veteran Nacha dance artist Domar Singh Kunwar, resident of Balod district, will get Padma Shri, announced by the President

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बालोदएक घंटा पहले

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नाचा के दिग्गज कलाकार डोमार सिंह कुंवर। - Dainik Bhaskar

नाचा के दिग्गज कलाकार डोमार सिंह कुंवर।

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बालोद जिले के ग्राम लाटा बोड़ के रहने वाले नाचा के दिग्गज कलाकार डोमार सिंह कुंवर को पद्मश्री पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई, जिससे पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पद्म पुरस्कारों के लिए नाम का ऐलान किया, जिसमें छत्तीसगढ़ से 3 कलाकार भी शामिल हैं।

मशहूर कलाकार डोमार सिंह कुंवर ने छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती नाचा नृत्य कला को देश से लेकर विदेशों तक ख्याति दिलाई है। इन्होंने 5 हजार से भी ज्यादा शो किए हैं, जिसमें इस कला का प्रदर्शन किया है।

जानें कलाकार डोमार सिंह कुंवर के बारे में

डोमार सिंह कुंवर 12 साल की उम्र से मंचों पर नाचा का प्रदर्शन करते रहे हैं। वे विलुप्त होती छत्तीसगढ़ी हास्य गम्मत नाचा कला विधा को जीवित रखने के लिए पिछले 47 सालों से काम कर रहे हैं। बालोद ब्लॉक के ग्राम लाटाबोड़ निवासी 74 साल के डोमार सिंह कुंवर ने नाचा गम्मत को न सिर्फ जिया, बल्कि अपने स्कूल से लेकर दिल्ली समेत कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा भी मनवाया। अब वे नाचा गम्मत और संस्कृति की अनोखी विरासत को छोटे बच्चों को सिखाकर इसे सहेजने का प्रयास कर रहे हैं। डोमार सिंह छत्तीसगढ़ के अलावा देशभर में 5 हजार से ज्यादा मंचों पर प्रस्तुति दे चुके हैं। इसके अलावा प्रेरणादायक लोक गीत, पर्यावरण, नशामुक्ति, कुष्ठ उन्मूलन के गीत भी लिख चुके हैं।

कलाकार डोमार सिंह कुंवर।

कलाकार डोमार सिंह कुंवर।

एक्टर, गम्मतिहा के साथ फिल्म डायरेक्टर भी

डोमार सिंह नाचा गम्मत की प्रस्तुति के साथ ही 150 से ज्यादा प्रेरणादायक गीत भी लिख चुके हैं। इसके अलावा मन के बात मन म रहिगे जैसी तीन छत्तीसगढ़ी फिल्म का निर्माण और उसमें काम भी कर चुके हैं। इनके लिखे गानों की प्रस्तुति आकाशवाणी एवं नाचा का प्रसारण बीबीसी लंदन से भी ब्रॉडकास्ट हो चुका है।

कार्यशाला भी करते हैं आयोजित

डोमार सिंह कुंवर ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव, राजिम कुंभ, दिल्ली सहित देश के लगभग हर राज्यों में नाचा की प्रस्तुति दी है। अब नाचा लुप्त न हो जाए, इसलिए 10 साल से जगह-जगह कार्यशाला आयोजित कर 100 से अधिक छोटे बच्चों को नाचा और लोकगीत सिखा रहे हैं। साथ ही उसकी बारीकी और महत्व भी बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब वे नाचा की प्रस्तुति करते हैं, तब कार्यक्रम के अंत में सभी को शराब से बचने और अपराध नहीं करने का संकल्प दिलवाते हैं।

कलाकार डोमार सिंह कुंवर जनप्रतिनिधियों के साथ।

कलाकार डोमार सिंह कुंवर जनप्रतिनिधियों के साथ।

विधायक कुंवर सिंह निषाद ने दी बधाई

गुण्डरदेही विधायक एवं संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद जो कि कला में विशेष रुचि रखते हैं, उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल डोमार सिंह कुंवर जी का सम्मान नहीं, बल्कि हमारी छत्तीसगढ़ की धरा का सम्मान है। यहां की रीति-नीति संस्कृति का सम्मान है। नाट्य कला को लेकर डोमार जी ने क्या प्रयास किए हैं, पद्मश्री जैसे नागरिक पुरस्कार ने इसे सबको बता दिया है। ये प्रदेश के सभी कलाकारों का सम्मान है। उनके इस सम्मान से सभी कला प्रेमी जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककलाओं को जीवित रखने काम कर रहे हैं, उन्हें प्रेरणा मिलेगा।

कला का प्रदर्शन करते हुए डोमार सिंह कुंवर।

कला का प्रदर्शन करते हुए डोमार सिंह कुंवर।

संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने भी डोमार सिंह कुंवर को पद्मश्री पुरस्कार के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे बालोद के लिए गौरव का क्षण बताया। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने भी डोमार सिंह को बधाई देते हुए कहा कि नाट्य कला रूपी मिट्टी की सौंधी खुशबू बालोद से लेकर दिल्ली और विदेशों तक पहुंच रही है। बालोद आज गौरवान्वित है। नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने भी बधाई देते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ की ये एक विधा जो लुप्त हो रही थी, उसे सहेजने का काम करने वाले को श्रेष्ठ सम्मान मिला है, ये गौरव की बात है।

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