कामधेनु विश्वविद्यालय में “वैज्ञानिक ब्रायलर प्रबंधन“ प्रशिक्षण का समापन 

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दुर्ग। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग अंतर्गत पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा में आयोजित तीन दिवसीय “वैज्ञानिक ब्रायलर प्रबंधन” प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन कुलपति डॉ.आरआरबी. सिंह के मुख्य आतिथ्य, अधिष्ठाता डॉ.एस.पाल की अध्यक्षता, निदेशक प्रक्षेत्र डॉ. धीरेंद्र भोंसले, निदेशक शिक्षण डॉ. मंजू राय के विशिष्ट आतिथ्य एवं विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, डॉ.रामचन्द्र रामटेके, विषय विशेषज्ञ डॉ.फणिश्वर साहू एवं प्रशिक्षार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति में गुरुवार को किया गया।

 

इस अवसर पर कुलपति ने वैज्ञानिक पद्धति से ब्रायलर पालन को ग्रामीण युवाओं एवं किसानों के लिए रोजगार का बेहतर माध्यम बताया। प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए मांस का सेवन महत्वपूर्ण है।

निदेशक शिक्षण डॉ. मंजू राय तथा निदेशक प्रक्षेत्र डॉ.धीरेंद्र भोंसले ने प्रशिक्षार्थियों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग से वैज्ञानिक एवं लाभकारी पोल्ट्रीपालन अपनाने हेतु प्रेरित किया।

अधिष्ठाता ने छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल से आए प्रशिक्षार्थियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रदान की गई जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभवों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के आयोजक एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.ओपी दीनानी ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों एवं युवाओं को वैज्ञानिक ब्रायलर प्रबंधन की नवीन तकनीकों से अवगत कराना था, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 25 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनसे फीडबैक लिया गया। डॉ.दीनानी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.दीप्ति किरण बरवा द्वारा किया गया।

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