

दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर द्वारा उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं ई-कमेटी के निर्देशानुसार के. विनोद कुजूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के मार्गदर्शन में न्यायालयीन कर्मचारियों के ज्ञान एवं तकनीकी दक्षता के उन्नयन के उद्देश्य से शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में एक दिवसीय रिफ्रेशर कार्यक्रम एवं N-STEP प्रशिक्षण (ECT_8_2026) तथा जिला मुख्यालय के न्यायालयीन कर्मचारियों हेतु रिफ्रेशर कार्यक्रम (ECT_9_2026) ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रातः 11 से दोपहर 2 बजे तक संचालित हुआ। कार्यक्रम के लिए दीपक कोसले, पंचम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग नोडल ऑफिसर एवं पुरुषोत्तम सिंह मरकाम, अष्टम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रबंधन एवं सुचारु संचालन में कोर्ट मैनेजर उदयन दुबे एवं प्रमोद अचिन्त्य की सहभागिता रही, जबकि आवश्यक तकनीकी सहयोग तरुण चंद्राकर एवं ऋषि निर्मलकर द्वारा प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में जिला न्यायालय दुर्ग के चयनित प्रशिक्षार्थियों में आरआर मानिकपुरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी तथा नंदकिशोर माटे, डिप्टी सीएफसी सहित आदेशिका लेखकगण एवं आदेशिका वाहकगण को सम्मिलित करते हुए कुल 30 प्रशिक्षार्थियों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायालयीन कर्मचारियों को न्यायिक कार्यप्रणाली में उपयोग की जा रही नवीनतम सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, ई-कोर्ट सेवाओं तथा डिजिटल न्यायिक प्रणालियों के संबंध में अद्यतन एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था, जिससे वे दैनिक न्यायालयीन कार्यों में इन तकनीकों का अधिक प्रभावी एवं दक्षतापूर्वक उपयोग कर सकें।
जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के माध्यम से महत्वपूर्ण डिजिटल न्यायिक सेवाओं एवं प्रणालियों की कार्यप्रणाली के संबंध में उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।
