

दुर्ग। जिले एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बीते सितंबर में लगातार तीन दिन हुई भारी अतिवृष्टि के कारण नदियों एवं स्थानीय नालों का जलस्तर बढ़ने से उत्पन्न जलभराव की स्थिति में एसडीआरएफ टीम द्वारा बचाव एवं राहत कार्य किया गया।
अतिवृष्टि के कारण शिवनाथ नदी, खारून नदी तथा लगभग 30 स्थानीय नालों में जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी। आपदा की स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ टीम द्वारा जलमग्न एवं जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में पहुंच कर बचाव कार्य किया गया।
एसडीआरएफ टीम द्वारा थाना कुम्हारी क्षेत्र के ग्राम पाहंदा, परसदा एवं जगदीशबाड़ी, थाना अमलेश्वर क्षेत्र के ग्रीनहंट कॉलोनी एवं ग्राम खुरमुड़ा, थाना बोरी क्षेत्र के ग्राम दनिया, थाना पुलगांव क्षेत्र के ग्राम डांडेसरा सहित जिला बेमेतरा के बेरला एवं ग्राम अमलीडीहा क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य किया गया।
बचाव अभियान के दौरान 255 नागरिकों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया गया, जिनमें वृद्धजन, महिलाएं एवं छोटे बच्चे भी शामिल थे।
बचाव एवं राहत कार्य
एसडीआरएफ जवानों द्वारा प्रतिकूल मौसम एवं जलभराव की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तथा आवश्यकता के अनुसार राहत शिविरों तक भेजने की कार्यवाही की गई।
सराहनीय कार्य
आपदा की स्थिति में तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ बचाव कार्य करने वाले एसडीआरएफ के 23 जवानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अतिवृष्टि, बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति में नदी, नाले एवं अन्य जलस्रोतों के समीप जाने से बचें। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा आपदा की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा संबंधित राहत एवं बचाव दल को सूचना दें।
