
बिलासपुरएक घंटा पहले

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मालगाड़ी रोककर मचाया हंगामा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में NTPC में मजदूरी भुगतान नहीं होने से नाराज रेलवे ट्रैक मजदूरों ने जमकर हंगामा मचाया और रेलवे ट्रैक पर उतरकर मालगाड़ियां रोक दी। इसके चलते कोयला खदान से मालगाड़ियां NTPC नहीं पहुंच पाई। मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए पारिश्रमिक भुगतान के साथ ही बोनस और पीएफ के पैसे देने की मांग की। इस दौरान NTPC प्रबंधन ने ठेका कंपनी से पैसे दिलाने का भरोसा दिलाया और ठेका एजेंसी बदलने का भी आश्वासन दिया है।

NTPC सीपत में रेलवे ट्रैक यूनियन में 300 से अधिक मजदूर काम करते हैं। प्रबंधन ने मजदूरों से काम कराने का ठेका मेसर्स एसके यादव कंपनी को दिया है। कंपनी की ओर से पिछले कई महीनों से मजदूरों से काम कराया जा रहा है और उन्हें पारिश्रमिक राशि नहीं दी जा रही है। मजदूरों ने बताया कि उन्हें पिछले चार माह से मजदूरी भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने मजदूरी भुगतान के लिए ठेका कंपनी के साथ ही NTPC प्रबंधन से भी मांग की थी। कोई पहल नहीं होने पर उन्हें आंदोलन की राह पर जाना पड़ा है।

मालगाड़ी रोककर धरने पर बैठे मजदूर।
सुबह 7 बजे से रोक दी मालगाड़ी
गैंगमैन रेलवे ट्रैक यूनियन के रहसलाल सूर्यवंशी एवं दुर्गा प्रसाद साहू ने NTPC प्रबंधन के साथ ही स्थानीय प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद भी मजदूरों का पारिश्रमिक भुगतान करने कोई प्रयास नहीं किया गया। लिहाजा, गुरुवार सुबह से मजदूरों ने आंदोलन करने और मालगाड़ी रोकने का ऐला किया था। मजदूर सुबह 7 बजे से ही कुकदा-आमानारा रेल लाइन में एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और ट्रैक पर आने वाली मालगाड़ी को रोक दी। इस दौरान मजदूरों के इस आंदोलन को इंटक अध्यक्ष हरीश गुप्ता भी समर्थन देने पहुंचे। मजदूर दोपहर तक नारेबाजी कर प्रदर्शन करते रहे। दोपहर बाद NTPC के अफसर उनसे चर्चा करने पहुंचे।

हड़ताली मजदूरों को समझाइश देने पहुंचे NTPC प्रबंधन।
मजदूरी के साथ नहीं दी बोनस और पीएफ की राशि
मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि ठेका कंपनी की ओर से मजदूरों के साथ मनमर्जी की जा रही है। उनसे काम कराने के बाद भी उन्हें न तो चार माह से मजदूरी भुगतान किया गया है और न ही बोनस और पीएफ की राशि दी जा रही है। NTPC प्रबंधन से बार-बार शिकायत करने के बाद भी मजदूरों को शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। दशहरा और दीपावली जैसे पर्व पर भी उन्हें मजदूरी नहीं दी गई। उस समय भी आंदोलन करने के बाद एक माह का भुगतान किया गया था।

यूनियन के पदाधिकारियों ने पारिश्रमिक भुगतान करने रखी मांग।
PRO बोले- मजदूरों के हित में लिया गया फैसला
मजदूरों के रेल रोको आंदोलन पर NTPC के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) प्रवीण रंजन भारती ने कहा कि ठेका कंपनी मेसर्स एसके यादव की ओर से मजदूरों को पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया गया है। जबकि, NTPC प्रबंधन ठेका कंपनी को हर माह भुगतान कर रहा है। पहले भी प्रबंधन ने पहल करते हुए मजदूरों को पारिश्रमिक भुगतान कराया था। मजदूरों से चर्चा की गई है। उन्हें एक-दो दिन के भीतर एक माह का पेमेंट करने का भरोसा दिलाया गया है। इसी तरह एक सप्ताह के भीतर बकाया पेमेंट कराने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही प्रबंधन ने मजदूरहित में ठेका एजेंसी को बदलकर दूसरे एजेंसी को काम देने की बात कही है।
