दुर्ग के व्यक्ति से की थी सवा चार लाख की ठगी, एक माह बाद दुर्ग पुलिस ने जामताड़ा झारखंड से किए दोनों ठग गिरफ्तार

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भिलाई नगर, 15 अप्रैल। अमेजॉन डिलीवरी कोरियर सर्विस के नाम धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को जामताड़ा झारखण्ड के ग्राम पिंडारी से दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डिलीवरी कूरियर सर्विस के लिए एक हजार रूपये देकर गुगल में अपना रजिस्ट्रेशन करते थे। घटना में प्रयुक्त मोबाईल सहित 15 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाईल बरामद किए गए हैं। एन्टी क्राईम एण्ड सायबर यूनिट दुर्ग एवं थाना पद्मनाभपुर ने यह संयुक्त कार्यवाही की है।
पुलिस अधीक्षक दुर्ग डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने आज पुलिस नियंत्रण कक्ष में ली गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 20 मार्च को हरिश कुमार टंडन पिता दुगू राम टंडन (41 वर्ष) निवासी इनोवा रोड शीतला तालाब के पास वार्ड नम्बर 52 थाना पद्मनाभपुर ने शिकायत दर्ज कराई कि अमेजान कोरियर की समस्या आने से गूगल सर्च पर अमेजान डिलीवरी कोरियर सर्च किया जिस पर कोरियर कम्पनी की समस्या का निराकरण किये जाने हेतु एक मोबाईल नम्बर प्राप्त हुआ। कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपने आपको कम्पनी का प्रतिनिधि बताते हुए एक लिंक भेजा, भेजे गये लिंक में फार्म भरने बोलते हुए प्रार्थी के बैंक संबंधी आवश्यक जानकारी लेकर मोबाईल पर ओटीपी भेजा, उसमें 5 रूपये की राशि भुगतान करने की चर्चा की करते हुए प्रार्थी के मोबाईल पर एक ऐप एनीडेस्क इस्टॉल करने को कहा एवं ओटीपी शेयर करने को कहा। मोबाईल पर एनीडेस्क इस्टॉल करने के उपरांत हरिश टंडन के बैंक खाता से विभिन्न किस्तों में कुल 4 लाख 22 हजार 999 रूपये की राशि निकाल कर धोखाधड़ी की गयी। थाना पद्मनाभपुर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। एक संयुक्त टीम गठित कर टीम को कार्यवाही हेतु लगाया गया। विवेचना के दौरान टीम द्वारा प्रार्थी से संपर्क स्थापित करते हुए घटना के संबंध में सभी आवश्यक जानकारी एकत्र करते हुए आरोपी के मोबाईल नम्बर एवं घटना के दौरान पैसों के ट्रांजेक्सन के लिए उपयोग में लाए गए बैंक खातों का सूक्ष्मता में अवलोकन कर जानकारी एकत्र की गयी, जिसमें आरोपी की उपस्थित कर्माटार जिला जामताड़ा झारखण्ड होना पता चला। एक विशेष टीम जामताड़ा झारखण्ड हेतु रवाना की गयी। टीम द्वारा जामताड़ा पहुँच कर आरोपी के संबंध में जानकारी एकत्रित की गयी, जिस पर टीम को उक्त घटना में स्थानीय निवासी अर्जुन मंडल द्वारा घटना को अंजाम देना पता चला। टीम द्वारा स्थानीय पुलिस की मदद से अर्जुन मंडल एवं एक सहयोगी नकुल कुमार मंडल को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ पर पुलिस को गुमराह करते रहे किन्तु सघन एवं तकनीकी रूप से पूछताछ करने पर उक्त घटना को दोनों द्वारा मिलकर कारित करना स्वीकार किया गया। आरोपियों द्वारा बताया गया कि घटना को अंजाम देने हेतु सर्वप्रथम गूगल एड पर एक हजार रूपये की राशि देकर डिलीवरी कोरियर के नाम पर कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्राप्त करते हैं। कोई व्यक्ति गूगल पर उक्त सर्विस हेतु सर्च करता है तो उसे डिलीवरी कोरियर रजिस्टर्ड कराए गए व्यक्ति का मोबाईल नम्बर दिखाई देता है। पीड़ित व्यक्ति द्वारा कॉल करने पर उन्हें झांसे में लेते हुए उनके फोन पर एक लिंक भेजकर फार्म भरने बोलते हैं व उनसे बैंक संबंधित जानकारी जैसे बैंक खाता नम्बर, सीवीवी नम्बर, कार्ड एक्सपायरी डेट पिन कोर्ड नम्बर एवं ओटीपी प्राप्त कर लेते हैं या पीड़ित के मोबाईल पर एनीडेस्क ऐप इस्टॉल करा कर उनका एक्सेस अपने पास प्राप्त कर लेते हैं और फिर उनके बैंक खातों में रखे राशि का आहरण कर लेते हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाईल एवं मोबाईल नम्बर के अतिरिक्त 14 नग विभिन्न कंपनी के मोबाईल बरामद किया गया। अग्रिम कार्यवाही थाना पद्मनाभपुर से की जा रही है।

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