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रायपुर38 मिनट पहले
नारायणपुर में धर्म परिवर्तन के आरोप में हुई हिंसक झड़प के बाद यूनाइटेड क्रिश्चियन फ्रंट ऑफ सोसाइटी(केरल) ने रायपुर में मीडिया से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में ईसाई धर्म के लोगों पर हुए हमले से पूरे देश के ईसाई समाज सहम गया है। सरकार को इस पूरे मामले में जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस हाईकोर्ट के नेतृत्व में कमेटी बनाना चाहिए। जो न्याय करें और दोषियों पर कार्रवाई करें। साथ ही कोंडागांव और नारायणपुर जिले में सरकार के शांति के प्रयासों की तारीफ की।
एकलेसिया यूनाइटेड फोरम के चेयरमैन डॉ. जॉनसन तेढ़ाकयिल ने ने बताया कि वे सभी राज्यों के राज्यपालों से मिलकर क्रिश्चियन कम्युनिटी के बेहतरी के लिये लगातार चर्चा कर रहे है। जिसमें उनका संगठन गोवा के राज्यपाल से मुलाकात कर चुका है। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने 20 दिन के बाद भी छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम को मिलने का समय नहीं दिया है। जो दुखद है। जॉनसन ने कहा कि आने वाले मार्च महीने में देशभर से ईसाई धर्म के प्रतिनिधि सम्मेलन करेंगे। जिसमें राष्ट्रपति से मिलकर छत्तीसगढ़ की स्थिति पर चर्चा करेंगे।
हॉस्पिटल में घायलों से मिले
इस संगठन के लोगोंने अस्पतालों में जाकर हमले में घायल लोगों से मुलाकात की। जॉनसन ने कहा उन्हें बेहतर राहत देने की जरूरत है। आदिवासी क्षेत्रों में असामाजिक तत्व ईसाई धर्म के लोगों पर लगातार अत्याचार कर रहे हैं। खासकर बच्चों की पढ़ाई करने से रोका जा रहा है। ईसाई धर्म मानने वालों के मकान और फसल में लूट की गई है। उनके खेतों पर कब्जा किया गया है। यहां तक कि बोरवेल से पानी भी भरने नहीं दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार को इन मामलों को गंभीरता से लेकर इस पर तत्काल कार्रवाई करना होगा। उन्होंने कहा जो व्यक्ति जबरन धर्म परिवर्तन कराने का काम करते हैं। उन पर शासन प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
नारायणपुर में क्या हुआ था?
2 जनवरी को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में आदिवासियों के सम्मेलन में धर्म परिवर्तन के आरोप को लेकर भीड़ हिंसक हो गयी। भीड़ ने यहां एक चर्च पर भारी तोड़फोड़ की। साथ ही ईसाई धर्म मानने वालों पर हमला किया और चर्च के पास्टर के साथ मारपीट की। जब पुलिस ने बीच-बचाव किया तो जिले के SP का सिर फोड़ दिया गया। यह बवाल लगातार एक सप्ताह तक चलता रहा।
