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🔴 घटना को लेकर सोशल प्लेटफार्म पर जमकर चर्चा
दुर्ग, 13 जनवरी। कर्नाटक के बैंगलुरू स्थित व्हाइटफ़ील्ड क्षेत्र के स्पेशल चिल्ड्रंस स्कूल के ख़िलाफ़ 10 साल के एक ऑटिस्टिक बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। लड़के के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि उसके ऊपरी दाहिने हाथ में तीन फ्रैक्चर हैं। स्कूल पहुंचने से पहला उनका बच्चा ठीक था, फिर स्कूल से फोन आया कि उसका दाहिना हाथ काम नहीं कर रहा। दर्द से रोते कराहते बच्चे को लेकर आनन फानन माता-पिता हास्पिटल पहुंचे वहां डाक्टर्स ने एक्सरे में पाया कि बच्चे के दाहिने हाथ में एक नहीं तीन-तीन फ्रैक्चर हुआ है।
बच्चे के पिता स्वप्निल के अनुसार 19 दिसंबर को उनकी पत्नी को स्कूल से फोन आया कि बेटा अपना दाहिना हाथ नहीं हिला पा रहा है। पतासाजी करने पर स्कूल स्टाफ ने बताया कि बच्चे को शारीरिक व्यायाम के कारण मांसपेशियों में दर्द हो रहा है।
पैरेंट्स बच्चे को तुरंत आर्थोपेडिक सर्जन को दिखाने मणिपाल अस्पताल ले गए। वहां सर्जन ने एक्स-रे करवाने के बाद बताया कि बच्चे के हाथ में तीन फ्रैक्चर आया है जिससे दाहिना हाथ पूरी तरह से शिथिल पड़ गया है नतीजतन बच्चा हाथ नहीं उठा पा रहा। डॉक्टर ने कहा कि यह संभवतः स्पोर्ट्स इंज्युरी के समान ही चोट है।
पैरेंट्स ने स्कूल पहुंच पतासाजी की तो जानकारी मिली कि योग अभ्यास के दौरान बच्चे ने कथित तौर पर ट्रेनर के बाल खींचे और नाराज ट्रेनर ने उसका हाथ जोर से झटक दिया, तभी से बच्चा हाथ नहीं उठा पा रहा। स्कूल मैनेजमेंट से योग अभ्यास के समय का सीसीटीवी फुटेज मांगा तो मैनेजमेंट का कहना था कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण वीडियो को पुनर्प्राप्त नहीं किया जा सकता है। हालांकि एफआईआर बाद पुलिस ने डीवीआर कब्जे में ले लिया है।
इससे पूर्व घटना को लेकर कार्रवाई में हीलाहवाला किए जाने से सोशल मीडिया पर जब इस घटना पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं तब एएसआई के प्रतिनिधियों की टीम ने स्कूल का दौरा किया और उनके द्वारा भी फुटेज दिखाने की मांग को स्कूल मैनेजमेंट ने सिरे से नकार दिया था। फिर 30 दिसंबर को पैरेंट्स ने एएसआई के साथ राज्य विकलांग अधिनियम आयुक्त केएस लताकुमारी से मुलाकात कर पूरे मुद्दे को स्पष्ट कर मदद की गुहार लगाई। आयुक्त ने मेडिकल रिपोर्ट और पैरेंट्स की शिकायत पर पहल करते हुए तत्काल व्हाइटफील्ड के डीसीपी को इस संवेदनशील मामले पर स्कूल मैनेजमेंट पर कार्रवाई के निर्देश दिए थ। 6 जनवरी को एचएएल पुलिस स्टेशन में स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चे के हाथ की दोनों हड्डियों को वायर के जरिए जोड़ना होगा। पैरेंट्स की मांग है कि सीसीटीवी फुटेज से यह पता चले कि यह सब गलती से हुआ या जान बूझकर नाराज ट्रेनर ने बच्चे को ऐसी सजा दी है। उनका बेटा आटिस्टिक जरूर है लेकिन वह सायकल चला सकता था, वह स्विमिंग भी करता था लेकिन हाथ में ऐसी गंभीर चोट आने से अब वह कुछ भी करने में असमर्थ है। सीसीटीवी उस दिन की घटना का प्रमाण है बच्चे के पैरेंट्स ने कहा कि हाथ फ्रैक्चर होने से उनके बेटे का विकास क्रम लगभग एक वर्ष पिछड़ गया है। अगर घटना पूरी तरह से आकस्मिक दुर्घटनाजन्य या दुर्भावनाविहीन साबित होती है तो वे एफआईआर वापस लेने को तैयार हैं।
पीड़ित परिवार इस घटना से बहुत व्यथित है, स्कूल ट्रेनर की लापरवाही, स्कूल मैनेजमेंट का मनमाना रवैया और शिकायतों के बाद भी कार्रवाई करने सक्षम लोगों के टालमटोल का रवैया उनके दर्द को दोगुना कर गया है। सोशल प्लेटफार्म पर बच्चे के पिता के ट्वीट लगातार वायरल हो रहे हैं। इस घटना में बच्चे के दर्द और व्यवस्थापकों की तानाशाही को लेकर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मर्थाहल्ली सब-डिवीजन के एसीपी किशोर भरणी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में अभी आया है और वो पुलिस जांच में क्या इंप्रूवमेंट है, इसकी जानकारी अवश्य लेंगे।


🔴 घटना को लेकर सोशल प्लेटफार्म पर जमकर चर्चा