दुर्ग-भिलाई के निजी इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज के संचालकों को तीन-तीन साल सजा

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कालेजों के लिए विधि विरुद्ध मान्यता प्राप्त करने का 11 साल पुराना मामला

सीबीआई रायपुर कोर्ट ने तीन शिक्षाविदों एवं एआईसीटीई के दो अफसरों को भी सुनाई सजा

 

दुर्ग न्यूज, 15 सितंबर। निजी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों के तीन शिक्षाविदों को विधि के विरुद्ध मान्यता देने के लिए रिश्वत लेने वाले एआईसीटीई के दो अधिकारी और भिलाई-दुर्ग के तीन कॉलेजों के संचालकों को तीन – तीन साल कैद की सजा दी गई है। स्पेशल जज ऑफ स्पेशल कोर्ट ट्रायल ऑफ सीबीआई केसेस रायपुर ममता पटेल ने 11 साल पुराने केस की सुनवाई कर मंगलवार को पांचों आरोपियों को सजा सुनाई हैं। सीबीआई ने रिश्वत के पैसों के साथ दुर्ग के होटल एवलान में उन्हें रंगेहाथ पकड़ा था। कोर्ट द्वारा 91 पेज में दिए गए फैसले में यह भी उल्लेखित किया है कि सभी सजा एक साथ चलेगी।

सीनियर अधिवक्ता रजत श्रीवास्तव ने बताया कि मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल के प्रोफेसर पुष्य मिश्रा उर्फ पीएम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) एमपी-सीजी सेंट्रल जोन के डायरेक्टर थे। इसी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय सोनी एक्सपर्ट विजिटिंग कमेटी के सदस्य थे, जो पीएम मिश्रा के निर्देश पर कॉलेज का निरीक्षण कर मान्यता देते थे।

एआईसीटीई देश में निजी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेज को मान्यता देती हैं। संजय सोनी अपनी टीम के साथ मई 2012 को रायपुर, दुर्ग, भिलाई के कॉलेजों का निरीक्षण करने आए थे। वे होटल द एवलाॅन, दुर्ग में ठहरे हुए थे।

संजय सोनी ने संस्थानों का निरीक्षण करने के बाद 12 कॉलेज के संचालकों से विधि के विरुद्ध मान्यता के लिए रिश्वत की मांग की। दुर्ग निवासी प्रवीण विश्वकर्मा, संजीव खुल्लर और भारती कालेज के सुशील चंद्राकर ने भी कॉलेज के लिए अर्जी दी थी। तीनों ने मिलकर अन्य कॉलेज के मालिकों से पैसा वसूला और संजय को दिया। इसकी सीबीआई में शिकायत हो गई। सीबीआई ने होटल द एवलाॅन, दुर्ग में छापा मारा। इस कार्रवाई में

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संजय सोनी के पास से 100 ग्राम वजनी, 12 सोने के बिस्किट और 11.71 लाख कैश जब्त हुआ। सीबीआई ने संजय, प्रवीण, संजीव और सुशील को गिरफ्तार कर लिया। चारों से पूछताछ के बाद भोपाल में डायरेक्टर पीएम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ माह बाद सभी आरोपी जमानत पर छूट गए। तब से रायपुर सीबीआई कोर्ट में मामला विचाराधीन था। कोर्ट ने मंगलवार को पांचों आरोपियों को 3-3 साल की सजा दी है। पीएम और संजय पर 15-15 हजार और बाकी तीनों पर 5-5 हजार अर्थदंड लगाया है। जब्ती की रकम भी राजसत की गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेगी।

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