
दुर्ग10 घंटे पहले

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पेड़ पर लगे रुद्राक्ष के फल को दिखाता युवक
दुर्ग में पहली बार एक महतो रिवार घर में रुद्राक्ष के पेड़ में फल लगे हैं। इसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आ रहे हैं। जिसके यहां रुद्राक्ष फला है वह इसे भगवान शंकर का आशीर्वाद बता रहा है। उसका कहना है कि उसके घर में तीन मुखी रुद्राक्ष फला है जो हिंदू मान्यता के अनुसार अद्भुत लाभ देता है।

दुर्ग शहर के बोरसी क्षेत्र में रामाधार महतो बागवानी के लिए जाने जाते हैं। उनके घर में ही काफी बड़ी नर्सरी है। उस नर्सरी में वो सैकड़ों प्रजाति के फूल और ऑक्सीजन प्लांट के पौधा उगाकर बेचते हैं। अब उनका यह काम उनका बेटा अजय महतो देखता है। अजय ने बताया कि उनके पिता ने बाहर से रुद्राक्ष का पौधा मंगाया था। उसे घर के पास बने भगवान शंकर के मंदिर के बगल से लगा दिया था। 15-20 सालों में वह पौधा वृक्ष का रूप ले चुका है।
अजय ने बताया कि दुर्ग जिले में कई रुद्राक्ष के पौधे लगे होंगे, लेकिन फल देने वाला पहला पेड़ उनके यहां का है। उनके यहां का रुद्राक्ष तीन मुखी है। इस पेड़ में दूसरी बार फल लगे हैं। पहली बार काफी कम फल लगे थे। जब वह पक करके नीचे गिरे तो अजय की बूढ़ी दादी ने एक-एक फल को अपने पास संजोकर रखा। उसमें से निकले 108 रुद्राक्ष की माला बनाकर उसने भोलेनाथ की प्रतिमा को चढ़ाया और दूसरी माला एक बड़े संत को पनाई, जो उनके घर आए थे। उसके बाद दूसरी बार रुद्राक्ष के पेड़ में काफी फल लगे।

घर में लगा रुद्राक्ष का विशाल पेड़
नहीं करेगा व्यावसायिक उपयोग
अजय का कहना है कि मार्केट में रुद्राक्ष के नाम पर काफी लूट है। लोगों को नकली रुद्राक्ष पकड़ा दिया जाता है। उसका कहना है कि वह इस रुद्राक्ष का व्यावसायिक उपयोग नहीं करेगा। जिन लोगों को रुद्राक्ष की जरूरत होगी और वह इसको पूजते होंगे वह उन्हें इसे देगा। तीन मुखी रुद्राक्ष के अद्भुत फल बताए गए हैं। यह भगवान शंकर की कृपा से उसके यहां फला है। इसलिए वह इसे जरूरतमंद लोगों को इसे देगा।
तीन मुखी रुद्राक्ष से क्या होता है लाभ
कहा जाता कि अगर को सावन मास के किसी भी सोमवार के दिन ब्रह्मा, विष्णु और महेश आदि त्रिदेवों के प्रति इस तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करता हैं तो उसके ऊपर त्रिदेवों की कृपा बरसने लगती हैं, क्योंकि तीन मुखी रूद्राक्ष में इन तीनों की शक्तियों का वास होता हैं । तीन मुखी रुद्राक्ष में अग्नि तत्व की प्रधानता है, अग्नि तत्व जो कि पंच तत्वों में भी मुख्य तत्व माना जात हैं । अग्नि तत्व की प्रमुखता होने के कारण तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले जातक के विचारों में शुद्धता व स्थिरता आती हैं ।

रुद्राक्ष का फल
तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ
- तीन मुखी रुद्राक्ष में अग्नि तत्व होने से यह पेट की बिमारियों को भी दूर करता है, पेट की अग्नि मंद होने पर (अजीर्ण की समस्या होने पर) भोजन समय पर न पचने पर तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने से अद्भुत लाभ मिलता है ।
- चेहरे पर दिव्य तेज व शक्ति को प्राप्त करने के लिए भी तीन मुखी रुद्राक्ष धारण किया जाना चाहिए।
- तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने स्त्री हत्या जैसे पापों से भी मुक्ति मिलती है।
- इस रुद्राक्ष को पहनने से आत्मविश्वास बढता हैं, आत्मविश्वास ही नहीं अपितु यह उसे उर्जावान भी बनाये रखता है।
- तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मंगल और सूर्य से सम्बंधित दोषों का नाश होता हैं।
- जिन जातकों का जन्म लग्न व राशी मेष, वृश्चिक या धनु हो, उनके लिए तीन मुखी रुद्राक्ष अ धारण करना अति शुभ माना गया हैं।
- तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से जातक को समाज में मान सम्मान व जीवन में सफलता मिलती है।

दुर्ग में पैदा हुए तीन मुखी रुद्राक्ष
इस विधि से करें धारण
मन चाहे फल की प्राप्ति के लिए इस तीन मुखी रुद्राक्ष को सावन मास के किसी भी सोमवार के दिन शिव मंत्र से अभिमंत्रित कर धारण करना चाहिए । सावन सोमवार के दिन रुद्राक्ष को पहले शुद्ध जल से स्नान कराये, फिर पंचामृत (दूध-दही-शहद-घी-गंगाजल) के मिश्रण से स्नान कराने के बाद अंत में गंगाजल से स्नान करायें।
