

दुर्ग न्यूज, 25 सितंबर। बकरी पालक किसानों एवं उद्यमियों के विशेष मांग पर “बकरी पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 4 से 6 अक्टूबर (तीन दिवसीय) तक आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ़ में बकरी पालन की संभावनाएं छत्तीसगढ़ की जलवायु के लिए उपयुक्त नस्लें, उनका आवास एवं सामान्य प्रबंधन, भोजन का प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ़ एवं भारत सरकार द्वारा बकरी पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे एनएलएम. एवं नाबार्ड पोषित योजनाएं, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ़ राज्य में रीपा अंतर्गत बकरी पालन में संभावनाओं के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्वारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा हैं। जिसके लिए प्रशिक्षण शुल्क रु. 3000 (बिना रहवासी) एवं रु. 4000 (रहवासी) रखा गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पहले बैच को जुलाई में प्रशिक्षण दिया गया था जिसमें 62 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण लिया था। इस प्रशिक्षण की अधिक जानकारी के लिए प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.रामचंद्र रामटेक, सहायक प्राध्यापक एवं विश्वविद्यालय जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. दिलीप चौधरी से पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग में कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है।

