दुर्ग न्यूज़, 14 अक्टूबर। पुलिस अधीक्षक राम गोपाल गर्ग ने आज पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही विभागीय बैठक ली। श्री गर्ग ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उनकी पदस्थापना दुर्ग में की गई है, अभी विधानसभा निर्वाचन को शांतिपूर्ण ढंग से जिले में संपन्न कराना ही प्रमुख प्राथमिकता है।
वे छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईपीएस अफसर हैं। पंजाब भटिंडा के रहने वाले श्री गर्ग ने थापर इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग किया।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उनका कैंपस सलेक्शन मोटरोला कंपनी में हो गया। दो सालों तक वहां जॉब किया। फिर भटिंडा लौट कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। यूपीएससी तीसरे प्रयास में उन्हें 152 वा रैंक प्राप्त हुआ और वे आईपीएस चुने गए। उन्हें छत्तीसगढ कैडर अलॉट हुआ । रामगोपाल गर्ग ने मास्टर डिग्री ऑफ पुलिसमैन उस्मानिया यूनिवर्सिटी हैदराबाद से प्राप्त की। पीजी साइबर लॉ की डिग्री उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन प्राप्त की।
गर्ग 2008 में राजनांदगांव जिले में प्रशिक्षु आईपीएस थे। इसके बाद गरियाबंद जिले में एसपी रहे। यहां रामगोपाल गर्ग ने 23 माह बिताए। गरियाबंद के बाद कोरिया जिले में 6 माह एसपी रहे। फिर बालोद जिले में 3 माह एसपी रहे। बालोद के बाद एक साल तक पीएचक्यू में एसआईबी के एसपी रहे।
2015 में आईपीएस गर्ग केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई में एसपी के पद पर चले गए। इस दौरान वह दिल्ली व चंडीगढ़ में पदस्थ रहे। सीबीआई में रहने के दौरान डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के मामले की जांच कर उसकी कुंडली निकाल ऐसा तगडा चालान पेश किया कि सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। प्रतिनियुक्ति से छत्तीसगढ़ कैडर लौटने के बाद रामगोपाल गर्ग अंबिकापुर रेंज के आईजी बने। उन्हें नवगठित रायगगढ़ रेंज का प्रभार सौंपा गया था।
