
दुर्ग न्यूज़, 23 अक्टूबर। राजधानी में एक ऐसी संस्था काम कर रही है जिसने नौ साल में शिक्षा पर तीन करोड़ से ज्यादा खर्च किए हैं। हैरानी की बात यह है कि पूरी रकम जकात (दान) से इकट्ठा की गई। इस साल यानी दसवें साल में करीब 50 लाख रुपए बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस संस्था का नाम छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन है। फाउंडेशन की ओर से रविवार को मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित सालाना जलसे में उन सभी छात्रों का सम्मान किया गया जिन्होंने ग्रेजुएशन करने के साथ ही मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए सफलता पाई है। इसके साथ ही यह घोषणा भी की गई फाउंडेशन की नीतियों से आने वाले समय पर सफल छात्रों की संख्या दोगुना होगी। फाउंडेशन ऐसे सभी बच्चों की मदद करता है जो आगे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक समस्या की वजह से पढ़ नहीं पाते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि फाउंडेशन का मूल वाक्य मिशन तालीम सभी लोगों को प्रेरणा देता है कि तालिम नहीं तो कुछ भी नहीं। आज मुस्लिम समाज की सबसे बड़ी जरूरत शिक्षा ही है। शिक्षा से ही सिस्टम को सुधारा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सउदी अरब से उमरा करने के बाद वे शनिवार को रात 2 बजे दिल्ली लौटे थे। लेकिन तालीमी कार्यक्रम होने की वजह से वे सुबह दिल्ली से रायपुर के लिए तुरंत रवाना हो गए। उन्होंने सभी माता-पिता से कहा कि बच्चे शिक्षा में आगे करना चाहते हैं तो उन्हें प्रोत्साहन दें।

जकात फाउंडेशन जैसी संस्था रायपुर ही नहीं देश के सभी राज्यों में होनी चाहिए और इससे हर बच्चा शिक्षित हो सकेगा।उन्होंने फाउंडेशन मिशन तालीम के लिए अपनी ओर से 1 लाख रुपए दान देने की घोषणा की।
फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य सैय्यद अकील ने बताया कि रमजान के महीने में निकलने वाले 2.5 फीसदी जकात की रकम तो इकट्ठा कर अब तक हजारों बच्चों की ग्रेजुएशन कराने के साथ ही सैकड़ों बच्चों को मेडिकल-इंजीनियरिंग कॉलेजों में पहुंचाने का काम किया गया है।
इस अवसर में समाज से NEET/JEE पास करने वालें और फाउंडेशन के टॉपर बच्चों का सम्मान किया गया।
मीडिया से असगर खान,तहसीन जैदी, जुल्फीकार और ताबीर हुसैन को भी सम्मानित किया गया। फाउंडेशन से जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपल का भी सम्मान किया गया। विभिन्न क्षेत्र की मस्जिद के मुतवल्ली फाउंडेशन के स्कॉलरशिप प्रोग्राम के निर्णय में मुख्य सहायक होते हैं इसलिए उनका भी संस्था द्वारा सम्मान किया गया।
समारोह में विशेष अतिथि हज कमेटी के चेयरमैन असलम खान, उर्दू बोर्ड के अध्यक्ष इदरीश गांधी, अल्पसंख्यक के चेयरमैन अमीन मेमन, श्रम विभाग के संचालक शारिक रईस खान मौजूद थे।
