
दुर्ग न्यूज़ डेस्क, 30 जनवरी। सूरजपुर जिले में फिर से एक हाथी की मौत का मामला सामने आया हैं। वन विभाग के मुताबिक़ हाथी की मौत स्वाभाविक नहीं हुई है बल्कि उसे करंट देकर मारा गया था। इतना ही नहीं आरोपियों ने अपने इस करतूत पर पर्दा डालने के लिए पहले हाथी के शव को टुकड़ो में बाँट दिया और फिर छिपा दिया। हैरान कर देने वाला वह पूरा मामला रामकोला वन परिक्षेत्र का है। हाथी की हत्या के बाद से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। फ़िलहाल इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। दोनों पर वन्य अधिनियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। हाथी के शव को बरामद करने की कार्रवाईचल रही है। वन्य महकमा जांच में जुटा हैं कि हाथी की हत्या किस मकसद से की गई थी।


इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का दल अभी भी वहीं जमा हुआ है और लगभग दस से बारह किसानों के गन्ने की लाखों रुपए की फसल को खाकर चौपट कर चुका है। इधर वन विभाग की टीम हाथियों के दल को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में लगी हुई है।
युवक को कुचला, मौत
सोमवार की सुबह आसपास क्षेत्र में विचरण कर रहे जंगली हाथियों के दल में से एक हाथी ने ३५ वर्षीय युवक को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के ग्राम बैकोना, सौंतार व बांक नदी के बीच 27 हाथियों का दल रविवार की मध्य रात्रि से विचरण कर रहा है। हाथियों का यह दल किसानों की गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। अपनी गन्ने की फसल को बचाने के लिए किसान रात से ही हाथियों के दल को अपने स्तर पर दूर खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे। पर गन्ने के खेतों में मौजूद हाथियों का दल टस से मस नहीं हो रहा था और लगातार गन्ने की फसल को बरबाद कर रहा था। आखिरकार किसान अपने घरों को लौट गए। सुबह होने पर किसान गन्ने के खेतों में डटे हुए हाथियों के दल को फिर से खदेड़ने के प्रयास में लग गए। तभी अचानक गन्ने के खेत में मौजूद हाथी दल के एक हाथी से बैकोना के करसीहापारा निवासी शिवमंगल पैकरा ३५ वर्ष पिता स्व. मोहरसाय का सामना हो गया। हाथी को सामने देखकर उसने अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया पर हड़बड़ाहट में वह नीचे गिर गया जिसके बाद हाथी ने उसे अपनी चपेट में लेते हुए सूंड से उठाकर नीचे पटक दिया जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी मिलते ही आनन फानन में बैकोना निवासी भाजपा नेता थउला राम अन्य ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर लेकर पहुंचे। इससे पहले कि घायल युवक को उपचार मिल पाता उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी व तीन नाबालिग बच्चे भी हैं जो अब पिता की असमय ही मौत हो जाने के कारण बेसहारा हो गए है।
