कुछ जिलों में सुबह छाया रहेगा घना कोहरा, न्यूनतम तापमान में हो सकता है बदलाव | Chhattisgarh weather update: Dense fog will occur in the districts of Surguja division in the morning, slight change in minimum temperature is possible

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रायपुर3 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ में पश्चिमी हवाओं की वजह से मौसम गर्म हो रहा है, लेकिन सोमवार को इसमें ठहराव आ सकता है। प्रदेश में हवा की दिशा बदलने की संभावना है। इसकी वजह से उत्तर के हिस्सों खासकर सरगुजा संभाग के जिलों में विरल से मध्यम घना कोहरा छाने की प्रबल संभावना है। न्यूनतम तापमान में भी मामूली परिवर्तन हो सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। यह राजनांदगांव में रिकॉर्ड हुआ। सरगुजा संभाग के जिलों में सबसे अधिक 26 डिग्री तक गर्मी जशपुर में दर्ज हुई। बिलासपुर 28.4 और रायपुर 29.3 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हुआ। वहीं बस्तर संभाग में बीजापुर और जगदलपुर में 30.7 डिग्री तक गर्मी दर्ज हुई है। यह तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस तक अधिक गर्म है। सोमवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री रहा है जिसे जशपुर में रिकॉर्ड किया गया। यह भी सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है।

बिलासपुर में 15.2 डिग्री, रायपुर में 16.1 डिग्री और दुर्ग में 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सुदूर दक्षिण के जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। यह भी सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विज्ञानियों का कहना है, 16 जनवरी को हवा की दिशा में परिवर्तन होने की सम्भावना है। इसकी वजह से प्रदेश के न्यूनतम तापमानों में विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है। मौसम सूखा रहेगा, लेकिन सुबह सरगुजा संभाग के जिले तथा उससे लगे जिलों में विरल से मध्यम घना कोहरा (Fog) छाने की प्रबल संभावना है।

अभी भी सुबह-सुबह हल्का कोहरा देखा जा रहा है।

अभी भी सुबह-सुबह हल्का कोहरा देखा जा रहा है।

कोहरे में रहना होगा अधिक सावधान

  • कोहरे की स्थिति में अस्थमा के मरीज घर से बाहर न निकलें।
  • जहां तक संभव हो कोहरे में चार पहिया गाड़ी चलाने से बचें। जरूरी हो तो पार्किंग लाइट और हैडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाएं।
  • भारी गाड़ियों को खड़ा करते समय पार्किंग लाइट चालू रखें।
  • वाहनों का प्रयोग सावधानी से धीमी गति से करें। फॉग लैम्प और हेडलाइट को चालू रखें। चौराहों और क्रासिंग को पार करते समय लंबे हॉर्न बजाएं।
  • चस्मे पर भाप जम जाती है इसलिए चस्मा पहनकर गाड़ी न चलाएं।
  • हेलमेट का इस्तेमाल फ्रंट ग्लास हटाकर ही करें, नहीं तो भाप जमने से दृश्यता प्रभावित होगी।
  • घने कोहरे की स्थिति में सड़क पर अपनी साइड में धीमी रफ्तार से चलें। सड़क पार करने की जरूरत हो तो अत्यंत सावधानी से करें।
  • हर जगह कोहरा एक जैसा नहीं होता। अचानक ही घने कोहरे से सामना हो सकता है। ऐसे में गाड़ी को बिल्कुल नियंत्रित गति से ही चलाएं।
  • साइकिल चला रहे हैं तो उसकी टेल लाइट को हमेशा ठीक हालत में रखें।
कबीरधाम जिले की चिल्फी घाटी में इस तरह ओस जम गई थी।

कबीरधाम जिले की चिल्फी घाटी में इस तरह ओस जम गई थी।

सात जनवरी को सबसे अधिक ठंड पड़ी थी

इस महीने 7 जनवरी को सीजन का सबसे अधिक ठंड रिकॉर्ड की गई थी। उस दिन कोरिया का न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जशपुर में यह 4 डिग्री और सरगुजा में 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बिलासपुर संभाग के जिलों का न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था। वहीं रायपुर संभाग में बलौदा बाजार का तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। रायपुर में पारा 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 8 जनवरी को कबीरधाम का न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस था। अगले चार दिनों तक प्रदेश में शीतलहर की स्थिति रही। इस दौरान कई जिलों में पानी जम गया था। ओस की बूंदे जमकर बर्फ के फाहों में बदल गईं।

तीन दिन में न्यूनतम तापमान में 3.7 डिग्री का इजाफा

तीन दिन में न्यूनतम तापमान में 3.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई लेकिन अधिकतम तापमान 30 डिग्री ही है। पिछले दो दिनों की तरह सुबह के समय कोहरा छाया रहा। धूप निकलने के बाद कोहरा गायब हो गया। वहीं सुबह महसूस हो रही ठंड भी गायब हो गई। दिसंबर के बाद जनवरी में अच्छी ठंड पड़ रही थी लेकिन अब इसमें कमी आ गई है।

हवाओं की दिशा बदलने का असर मौसम पर पड़ा है। पहले जहां जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी, वहीं अब दोपहर के समय गर्मी महसूस हो रही है। शनिवार को सुबह अच्छी ठंड महसूस हुई लेकिन धूप निकलने के बाद ठंड कम होकर गायब हो गई। दाेपहर में एक बार फिर से लगातार तीसरे दिन अधिकतम तापमान 30 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

2 जनवरी 2012 को बरस गया था 52.4 मिमी पानी

2 जनवरी 2012 को 24 घंटे के भीतर 52.4 मिमी वर्षा हुई थी। वहीं उस पूरे माह में 94 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। 2014 में 1.2 मिमी, 2015 में 31 मिमी, 2020 में 21.9 मिमी, 2021 में 6.2 मिमी, 2022 मिमी में 12.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।

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