
दुर्ग न्यूज़, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ आयुर्वेद महासंघ की सदस्य डॉ अख्तरी ख़ुर्शीद खान ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश के डॉक्टरों से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे मेडिकल समुदाय से जुड़े लोग भी हैरान हैं। इस फैसले के मुताबिक अब आयुर्वेद के डॉक्टर भी सर्जरी कर सकेंगे। सरकार ने एक नोटिफिकेशन के जरिए आयुर्वेद के पीजी M S छात्रों को सर्जरी करने की इजाजत दी है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक आयुर्वेद के डॉक्टर 58 शल्य योग्य बीमारियों जैसे हड्डीरोग, नेत्र विज्ञान, नाक-कान-गला (ईएनटी),पेट रोग, गुदा रोग, नेत्र रोग, किडनी संबन्धित बिमारियाँ और दांतों आदि अंगों से जुड़ी सर्जरी कर सकेंगे। वहीं दूसरी ओर सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन के अध्यक्ष ने कहा है कि आयुर्वेद संस्थानों में ऐसी सर्जरी पिछले 25 सालों से हो रही हैं। नोटिफिकेशन सिर्फ यह स्पष्ट करता है कि यह सर्जरी वैध हैं।

आयुर्वेद की प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों की ओर से लंबे समय से एलोपैथी की तरह अधिकार देने की मांग की जा रही थी। नए नोटिफिकेशन के मुताबित अब आयुर्वेद के छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही सर्जरी की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को शल्य तंत्र शालक्य तंत्र (नेत्र, कान, नाक, गला, सिर और सिर-दंत चिकित्सा का रोग) जैसी डिग्री भी दी जायेगी, इस वैधानिक आदेश उपरांत आयुर्वेद के डॉक्टरों में इसे लेकर खुशी है।

