
बिलासपुरएक घंटा पहले

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धर्मांतरण और रासुका के खिलाफ में किया प्रदर्शन।
भाजपा ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ में धरना-प्रदर्शन कर हल्ला बोला है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है और इसका विरोध करने वाले आदिवासियों को फंसाने आपातकाल की स्थिति लाना चाह रही है। राज्य सरकार का राष्ट्रीय सुरक्षा कानून इसका उदाहरण है। भाजपा इस कानून की खिलाफत कर रही है और सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

भाजपा नेताओं ने नेहरू चौक में धरना-प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर शुरू से ही मामला उठाया जाता रहा है, तब कांग्रेस यह डींगें हांकती थी कि प्रदेश में सब कुछ समान्य है और कानून-व्यवस्था बेहतर है। सरकार की बेपरवाही का नतीजा है कि सरकार अब फंसाने के लिए कानून ला रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि आखिर क्या ऐसी परिस्थितियां बन गई है, जिसके कारण यह गंभीर कदम उठाना पड़ रहा है।

नेहरू चौक में भाजपाइयों ने किया धरना-प्रदर्शन।
तुष्टिकरण और धर्मांतरण को दिया जा रहा बढ़ावा
भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस स्पष्ट तौर पर छत्तीसगढ़ में तुष्टीकरण और धर्मांतरण के एजेंडे पर काम कर रही है। किसी सरकार का काम धर्म और संस्कृति को कुचलना और धर्मांतरण को बढ़ावा देना नहीं होता। लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस धर्मांतरण के पक्ष में अपने अधिकार का सीधे दुरुपयोग कर रही है। वह मिशनरियों के हाथ में खेल रही है।

रासुका को बताया अघोषित आपातकाल।
हर स्तर पर जारी रहेगा आंदोलन
भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार के छत्तीसगढ़ में अघोषित आपातकाल लागू करने की शुरुआत लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने के लिए क़ानून बना कर काफी पहले कर दी थी। लेकिन इससे जनता के सभी वर्गों का आक्रोश दोगुना हो गया। इससे घबराकर उन्होंने रासुका के बहाने आपातकाल जैसी अलोकतांत्रिक स्थिति का निर्माण कर दिया है। लेकिन, भाजपा अब राज्य सरकार के खिलाफ हर स्तर पर आंदोलन करेगी और सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराएगी।
