1 साल से रोज करीब 58 हजार लीटर पानी नाली में बह रहा; नेहरू नगर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की दो टंकियों में दरार | For 1 year, about 58 thousand liters of water was flowing in the drain daily; Crack in two tanks of water treatment plant of Nehru Nagar

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भिलाई19 घंटे पहलेलेखक: निर्मल साहू

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वॉल्व बंद होने के बाद भी पानी लगातार बह रहा है। - Dainik Bhaskar

वॉल्व बंद होने के बाद भी पानी लगातार बह रहा है।

जितने पानी से सालभर 21 हजार से ज्यादा परिवारों की प्यास बुझाई जा सकती है वह पिछले 1 साल से लगातार नाली में व्यर्थ बह रहा है। दरअसल नेहरू नगर के 77 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की 2 टंकियों (फिल्टर बेड वाली) में लीकेज और वॉल्व खराब है। इस कारण यहां से चौबीसों घंटे पानी बह रहा हैै। बावजूद नगर निगम प्रशासन को कोई परवाह नहीं है, जबकि मात्र 1 लाख रुपए में टंकी की मरम्मत और वॉल्व को बदलकर पानी को बहने से रोका जा सकता है। नगर निगम रोजाना 77 एमएलडी पानी शिवनाथ नदी से यहां लिफ्ट करता है। यहां पानी को विभिन्न चरणों में उपचारित करने के बाद फिल्टर बेड वाली टंकियों में संग्रहित किया जाता है। ऐसी यहां आठ टंकियां बनी हुई है। इन्हीं में से दो टंकियों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। यहां से पानी रिस रहा है।

फिल्टर बेड टंकी का वॉल्व खराब, आधा खुला रहता है
फिल्टर बेड में आउटलेट के लिए लगाया गया वॉल्व भी सालभर से खराब है। बंद होने के बाद भी यह वॉल्व आधा खुला रहता है। यहां से भी पानी की तेज धार नाली में बहती रहती है। जबकि आसानी से इस वॉल्व की रिपेयरिंग या रिप्लेसमेंट किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी टंकी की मरम्मत के दौरान ही वॉल्व को भी बदला जाएगा। जबकि यह मामूली काम है।

पानी भरपूर, लेकिन प्रबंधन में पूरी तरह फेल नगर निगम
125 करोड़ की भिलाई जल आवर्धन योजना, 242 करोड़ के अमृत मिशन और मेंटनेंस व मरम्मत के नाम पर लगभग 150 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी भिलाई जलसंकट से उबर नहीं सका है। शिवनाथ नदी से रोजाना 110 एमएलडी रॉ वाटर लिया जा रहा है। यहां 77, 66 और 6 एमएलडी के तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं। इनके अलावा बोरिंग और पंप हाउस जैसे भूजल स्रोत अलग से हैं।

सीधे स्पॉट से… एक मिनट में भर गई 20 लीटर की बाल्टी
भास्कर ने बेकार बह रहे पानी की मात्रा जांचने 20 लीटर की एक बाल्टी को टंकी में उस जगह टिकाया जहां दरार से पानी बह रहा है। मात्र एक मिनट में ही बाल्टी पूरी भर गई। ऐसा ही प्रयोग वॉल्व के पास किया, तो वहां भी इतने ही देर में बाल्टी छलकने लगी।

  • टंकी की दरारों और वॉल्व से हर एक मिनट में 40 लीटर पानी लीकेज हो रहा है।
  • यानी एक घंटे में 2400 और दिन-रात में 57,600 लीटर पानी बेकार वह जा रहा है।
  • महीने में पानी की बर्बादी का आंकड़ा हो जाता है 17 लाख 28 हजार लीटर।
  • और यदि सालभर से बह रहे पानी की बात करें तो 2 करोड़ 10 लाख 24 हजार लीटर ।

पानी अनमोल, फिर भी अधिकारी बेफिक्र
1 विश्व स्वास्य संगठन के मुताबिक एक दिन में प्रति व्यक्ति को 200 लीटर पानी उपलब्ध होना चाहिए। इसके मुताबिक प्रति दिन इस पानी से 288, महीने में 8640 ओर सालभर 10512 लोगों को प्यास बुझाई जा सकती है।
2 जैसा कि नगर निगम के अधिकारी बताते हैं कि एक परिवार को औसतन 1000 लीटर पानी रोज उपलब्ध करवाते ही हैं। इस लिहाज से 2 करोड़ 10 लाख 24 हजार लीटर पानी से सालभर 21024 परिवारों को पानी आपूर्ति हो सकती है।
3 नगर निगम में पानी के पर्याप्त स्रोत हैं। बावजूद हर साल गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत होती है। यहां तक कि निजी टैंकरों से पानी परिवहन के नाम पर निगम हर साल लाखों रुपए का ठेका देता है। लो ्प्रेशर वाले क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाने में करोड़ों रुपए फूंक चुके हैं।

70 करोड़ के नए प्रोजेक्ट नई पाइपलाइन बिछेगी
हाल ही में अमृत मिशन 2.0 के लिए किए गए सर्वे में भी खुलासा हो चुका है कि शहर के 27 वार्डों में आज भी पेयजल संकट है। इसके लिए अब 70 करोड़ के नए प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें 4 नई टंकियां बनाई जाएंगी। साथ ही 150 किमी नई पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी। इसके बाद शहर ही पुरानी बस्तियों और आउटर में पानी आपूर्ति होगी।

70 लाख के टेंडर बुलाए दरार भी सुधरवाएंगे
“यह बात सही है कि टंकी में लीकेज के कारण बड़ी मात्रा में पानी बह जा रहा है। टंकियों का निर्माण 16 साल पहले 2007 में किया गया। अब इसकी मरम्मत की जाएगी। पूरा फिल्टर मीडिया भी बदलेंगे। यह बड़ा काम है। इसके लिए लगभग 70 लाख का टेंडर हो चुका है। इसके साथ अब टंकियों की दरारों को भी भरेंगे।”
-संजय शर्मा, कार्यपालन अभियंता, जलकार्य नगर निगम

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