पढ़ने-लिखने में नहीं लगता था मन, स्कूल से अक्सर रहता था गायब;नई बाइक दिलाने की कर रहा था जिद | Didn’t feel like reading and writing, often used to disappear from school; was insisting on getting a new bike

Share this

कोरबा2 घंटे पहले

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

11वीं के छात्र ने की खुदकुशी।

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

कोरबा जिले के बालको थाना अंतर्गत ग्राम रूमगड़ा में 17 साल के एक नाबालिग छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने ये आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में परिवार भी ठीक से कुछ नहीं बता पा रहा है। हालांकि उन्होंने छात्र के पढ़ाई में कमजोर होने की बात कही है। नाबालिग की मां ने ये भी कहा कि बेटा सागर नई बाइक लेने की बात भी लगातार कह रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम रूमगड़ा के शिवनगर में सुनीता कंवर अपने बेटे सागर और बेटी के साथ रहती है। पति की मौत के बाद सुनीता बालको संयंत्र में काम करके परिवार का पालन-पोषण कर रही है। बुधवार को रोजाना की तरह वो ड्यूटी के लिए बालको गई हुई थी। घर में बेटा सागर अकेला था। दोपहर 12 बजे बेटे ने मां को फोन किया और किसी काम से कोरबा जाने की बात बताई। जब मां शाम में ड्यूटी से वापस लौटने वाली थी, तो उसने बेटे को फोन लगाकर ये जानने की कोशिश की, कि क्या वो कोरबा से वापस लौट आया है, लेकिन सागर ने फोन नहीं उठाया।

फांसी पर लटका शव।

फांसी पर लटका शव।

बार-बार फोन लगाने पर भी जब छात्र ने फोन नहीं उठाया, तो मां को चिंता हुई। उसने घर के पास रहने वाली एक रिश्तेदार से घर जाकर देखने के लिए कहा। रिश्तेदार जब उनके घर पहुंची, तो कमरा अंदर से बंद मिला। तब उसने सुनीता को ये बात बताई। मां सुनीता और बाकी परिजन जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचे। दरवाजा बंद मिलने पर उन्होंने खिड़की खोलकर कमरे के अंदर देखा, तो सागर फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला।

इसी घर में नाबालिग ने लगाई फांसी।

इसी घर में नाबालिग ने लगाई फांसी।

READ MORE  हजारों लापता लोगों को परिवार से मिलवा चुके कमल मिड्‌डा, घायलों की भी करते हैं मदद | Kamal Midda, who introduced thousands of missing people to their families, also helps the injured

ये देखकर मां बदहवास हो गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर बालको पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया और लाश को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पूछताछ में मां ने बताया कि सागर का मन पढ़ने-लिखने में नहीं लगता था। कई बार वो स्कूल जाने का कहकर निकलता था, लेकिन वहां पहुंचता नहीं था। वो 11वीं कक्षा का छात्र था और उसकी लगातार शिकायत स्कूल से आ रही थी। वो स्कूल जाने के बजाय इधर-उधर घूमता रहता था और किसी तरह समय काट दिया करता था। मां के समझाने पर भी वो बात नहीं सुन रहा था। उसके पास एक पुरानी बाइक थी और अब वो नई बाइक खरीदने की भी जिद कर रहा था।

ग्राम रूमगड़ा के शिवनगर की घटना।

ग्राम रूमगड़ा के शिवनगर की घटना।

पीड़ित मां ने कहा कि फिर भी उसे आत्महत्या की सही वजहों की जानकारी नहीं है। वो केवल अंदाजा लगा सकती है कि शायद इन्हीं वजहों से उसके बेटे ने आत्महत्या की होगी। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है और मृतक के दोस्तों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर खुदकुशी की वजहों को जानने की कोशिश की जाएगी।

खबरें और भी हैं…