
दुर्ग न्यूज, 23 जनवरी। मनी लांड्रिंग और कोयले पर लेवी वसूली के मामले में ईडी ने आज दुर्ग से दीपेश टांक को गिरफ्तार कर 4 दिनों की रिमांड में लिया है। अब तक इस मामले में पांच लोग जेल भेजे जा चुके हैं और सभी की जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी हैं।

आज ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम दीपेश टांक है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद स्पेशल जज अजय प्रताप सिंह ने 4 दिन की रिमांड पर ईडी को सौंपा है। दीपेश को अब आगामी 27 जनवरी को सुबह 11 बजे तक कोर्ट में पेश करना होगा। रिमांड के दौरान हर दूसरे दिन अधिवक्ता को मिलने की अनुमति दी गई है। दीपेश का जमीन का कारोबार बताया गया है। केस से जुड़े वकीलों के मुताबिक दीपेश से शांति देवी चौरसिया ने जमीन खरीदी थी। इसके लिए हुए लेन देन में दीपेश के एकाउंट में कुछ अधिक राशि डिपाजिट मिली है। इसे लेकर ही ईडी ने उससे पूछताछ की थी और आज गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि दीपेश पर ईडी दबाव बनाए हुए है कि वह यह खरीदी और कैश ट्रांजेक्शन सौम्या चौरसिया से करने का बयान दे, इसे लेकर उसके साथ मारपीट भी की गई है। दीपेश की तरफ आदित्य वर्मा अधिवक्ता हैं। दीपेश टांक की पत्नी वर्षा ने ईडी के अधिकारियों पर मारपीट का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमने हर बार उनकी पूछताछ में सहयोग किया है। ईडी वाले सुबह लेकर जाते थे, रात 3 बजे छोड़ते थे। पूछताछ में उनके द्वारा गलत व्यवहार किया जाता था। कई बार मुर्गा बनाया जाता था। घंटों तक उन्हें खड़े रखा जाता था, मारपीट भी की जाती थी। इसकी हमने कई बार शिकायत भी की है। वर्षा टांक का कहना है कि जैन मंदिर के पास उनका फॉर्म हाउस है। हम लोग किसान हैं, मजबूरी में जमीन बेची है, जमीन बेचना कौन सा गुनाह है। जमीन खरीदने वाला पैसा कहां से ला रहा है, उससे हमको क्या लेना देना? जमीन हमारी खुद की है, हमने सभी ट्रांजेक्शन को दिखाया है।

