
रायपुर9 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ में प्रदेश सरकार ने करीब तीन लाख कर्मचारियों के सामने विकल्प रखा है।
छत्तीसगढ़ में प्रदेश सरकार ने करीब तीन लाख कर्मचारियों के सामने विकल्प रखा है। उनसे पूछा गया है कि वे ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) में आना चाहते हैं या न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) में ही बने रहना चाहते हैं। यदि वे ओपीएस ज्वाॅइन करना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए एक तय फार्म भरकर सरकार को सहमति देनी होगी। इसके साथ ही उन्हें निवेश की गई राशि राज्य सरकार को देने की भी रजामंदी देनी होगी, ताकि उन्हें भविष्य में पेंशन दी जा सके। वित्त विभाग ने सोमवार को इस बारे में अधिसूचना जारी है।

मालूम हो कि पहले सरकार सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को पेंशन देती थी। इसके बाद 1 नवंबर 2004 को न्यू पेंशन स्कीम लागू हुई। इसमें सेवानिवृत्ति पर पेंशन देने का प्रावधान खत्म कर दिया गया। कर्मचारी के वेतन से की गई कटौती, सरकार का हिस्सा उसे ब्याज समेत एक मुश्त रिटायरमेंट पर मिलने का प्रावधान कर दिया गया। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की भारी मांग पर पिछले बजट में विधानसभा के अंदर ओल्ड पेंशन स्कीम (1 नवंबर 2004 के पूर्व वाली) लागू करने की घोषणा की। इसे 1 अप्रैल 2022 से लागू किया गया।
इसके अनुसार इसलिए अब न्यू पेंशन स्कीम यानी जो 1 नवंबर 2004 से लागू हुई थी इसके बाद जितने भी सरकारी विभागों में नियुक्तियां हुईं उनसे विकल्प मांगा जा रहा है कि एनपीएस में बने रहना चाहते या ओपीएस में आना चाहते हैं। ओपीएस में अभी लगभग 1.10 लाख कर्मचारी होंगे क्योंकि ज्यादातर रिटायर हो गए हैं।
जबकि एनपीएस के अंतर्गत करीब तीन लाख कर्मचारी होंगे, जिन्हें विकल्प देना होगा कि वे एनपीएस में कंटीन्यू करेंगे या ओपीएस ज्वाइन करेंगे। कर्मचारी व सरकार का हिस्सा तथा इस पर ब्याज की राशि सरकार के खाते में जमा करानी होगी ताकि उन्हें सेवानिवृत्ति पर पेंशन दी जा सके।
