प्रार्थना सभा का विरोध, सरनेम को लेकर भी आपत्ति; हालात बिगड़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची | People of the society came face to face regarding conversion in Rajnandgaon, objection regarding surname also

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राजनांदगांव15 मिनट पहले

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राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के ग्राम अछोली में गुरुवार को धर्मांतरण के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया। यहां दो समाज आमने-सामने आ गए। प्रार्थना सभा के दौरान पहुंचे समाज विशेष के लोगों को लेकर हंगामा हो गया। इसे लेकर दूसरे समाज ने आपत्ति जताते हुए जमकर नारेबाजी की।

दूसरे समाज के लोगों का आरोप है कि धर्म बदलने के बावजूद अधिकांश लोगों ने अपना सरनेम नहीं बदला है और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। साथ ही सरनेम नहीं बदलने से समाज में भ्रम की स्थिति है। इधर माहौल बिगड़ने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है। डोंगरगढ़ थाना प्रभारी सुरेंद्र स्वर्णकार ने बताया कि ग्राम अछोली में महेश्वर साहू के मकान में एक प्रार्थना सभा हो रही थी। समाज प्रमुखों द्वारा धर्मांतरण को लेकर लिखित शिकायत पुलिस को मिली है।

पूरा मामला एक धर्म विशेष द्वारा आयोजित प्रार्थना सभा से जुड़ा है। यहां बड़ी संख्या में दूसरे समाज के लोगों के इकट्ठा होने की जानकारी उनके समाज प्रमुखों को मिली, जिसके बाद सभी समाज के प्रमुख मौके पर पहुंचे और जमकर विवाद हो गया। डोंगरगढ़ थाना प्रभारी सुरेंद्र स्वर्णकार ने कहा कि खबर मिलते ही वे अपनी टीम के साथ पहुंचे। दोनों पक्षों की बातों को सुना, जिसके बाद समाज प्रमुखों ने प्रार्थना सभा को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और जांच के लिए पुलिस को आवेदन दिया है।

जशपुर में ईसाई धर्म प्रचारक हुआ था गिरफ्तार

21 जनवरी को जशपुर जिले की पत्थलगांव थाना पुलिस ने एक ईसाई धर्म प्रचारक को गिरफ्तार किया था। धर्म प्रचारक जयप्रकाश तिर्की पर चंगाई सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। चंगाई सभा कर बीमारियों का इलाज करने का दावा करने वाले जयप्रकाश को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पत्थलगांव थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने बताया कि ईसाई मिशनरी के सरगुजा जिले में रहने वाले धर्म प्रचारक ने पालिडीह गांव में चंगाई सभा का आयोजन किया था। इस सभा में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा कर बीमारों का धार्मिक ग्रंथों से इलाज करने का दावा किया जा रहा था। साथ ही इसकी आड़ में धर्म परिवर्तन कराने की भी शिकायत पुलिस को मिली थी। इस चंगाई सभा को लेकर गांव में माहौल खराब होता देखकर गांव के उपसरपंच उपेंद्र यादव ने पत्थलगांव पुलिस से मामले की शिकायत की। जब मौके पर पुलिस और राजस्व अधिकारी पहुंचे, तो उन्होंने शिकायत को सही पाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

जशपुर में इसी महीने 14 लोगों को किया गया था गिरफ्तार

इससे पहले 2 जनवरी को भी जशपुर में चंगाई सभा का आयोजन कर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला बगीचा के सामरबहार गांव का था। बगीचा पुलिस को शिकायत मिली थी कि आरोपियों के द्वारा चंगाई के नाम पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर बगीचा थाने की पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

बगीचा के थाना प्रभारी एलआर चौहान ने बताया था कि सामरबार गांव में एक हिन्दू परिवार के घर में चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। स्थानीय लोग इसका विरोध करने लगे। इससे गांव में विवाद की स्थिति बन गई। सूचना पर घटनास्थल पहुंची बगीचा पुलिस ने दोनों पक्षों शांत कराया और फिर चंगाई सभा का आयोजन कर रहे 14 ग्रामीणों के खिलाफ धारा 151 के तहत शांति-व्यवस्था भंग करने का मामला दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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