होली विभिन्न दृष्टिकोण और स्वभाव के उत्सव का प्रतीक है – गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर

Share this

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

दुर्ग न्यूज डेस्क, 7 मार्च।होली के दिन हमारे जीवन में भी उत्साह और प्रेम के रंगों को खिलना चाहिए। हमारा चेहरा प्रसन्नता से चमकना चाहिए और हमारी आवाज़ मधुरता से तरंगित होनी चाहिए।जीवन का रंग ऐसा होना चाहिए ,जो ईश्वर में गहरी श्रृद्धा के द्वारा खिल उठे। जीवन में क्रोध,राग ,द्वेष,लालच,आसक्ति और वासना के अशुभ रंगों के बजाय सुगंध,सौंदर्य और विविधता के रंग होने चाहिए।
होली विभिन्न दृष्टिकोणों और स्वभावों के आत्मसात और जीवन को विशाल दृष्टिकोण से देखने का दिन है।
चुनौतियां आएंगी और आपको ऐसे लोगों के साथ काम करना पड़ सकता है, जिनके विचार और काम करने का तरीका आपसे अलग है। लेकिन,जब आप अपने दृष्टिकोण को विशाल कर लेते हैं और अपने जीवन को एक विशाल दृष्टिकोण से देखते हैं,तो आप छोटी-छोटी बातों को जाने देते हैं,जो आपको अभी बहुत महत्वपूर्ण लगती हैं।
आप देखेंगे कि लोग भावनाओं के विभिन्न रंगों को अभिव्यक्त करते हैं।आप उनसे दूरी बना कर रख सकते हैं। तब आप जान जाएंगे कि वे सदैव एक से नहीं रहते हैं।समय के साथ वे बदल जाएंगे और उनकी भावनाएं भी बदल जाएंगी। थोड़ी देर प्रतीक्षा कीजिए,थोड़ा और प्रयास कीजिए। यदि वे बदल जाते हैं,तो अच्छा है।लेकिन,यदि वे नहीं बदलते हैं,तो आप आगे बढ़ जाएं।तीसरा विकल्प यह है कि आप सोचें कि ठीक है,उन्हें वैसे ही रहने दीजिए। उनके कारण मेरे भीतर कुछ अच्छी कुशलताएं उत्पन्न हो जाएंगी। इससे मेरे भीतर संवाद करने की कुशलता और अपने बारे में सकारात्मक सोच उत्पन्न होगी।अंत में सब कुछ ईश्वर पर छोड़ दीजिए।अपने भीतर देखिए कि आपमें कितने नकारात्मक और कितने सकारात्मक गुण हैं?आपको यह सोचने की आवश्यकता है कि आपको अपने में क्या सुधार करना चाहिए? होली खुशी, उल्लास और प्रसन्नता का त्यौहार है।और जीवन के इन रंगों को साथ लेकर हमें समाज और राष्ट्र के लिए कुछ अच्छे कार्य करने चाहिए।तो,ऐसी होली ना खेलें, जिसमें आप बस एक दूसरे पर रंग लगाएं। इसे एक ऐसा उत्सव बनाएं,जिसमें आप ईश्वर के रंग में रंग जाएं।

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

Share this
READ MORE  नहीं थम रही ओडिशा से धान की तस्करी, 25 क्विंटल धान समेत पिकअप वाहन जब्त