चार्टर प्लेन के दौर में भी जैन संत पैदल चलते हैं, महावीर स्वामी का त्याग स्तुत्य, दुर्ग में भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम

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दुर्ग, 4 अप्रैल। चार्टर प्लेन के इस दौर में भी जैन संत परंपरागत साधनों से त्याग के रास्ते पर चलते हैं। यह महावीर स्वामी का दिखाया हुआ अहिंसा और अपरिग्रह का रास्ता है। महावीर स्वामी का त्याग का मार्ग स्तुत्य है।
भगवान महावीर के रास्ते पर दुनिया चलें तो सब जगह शांति होगी। अहिंसा ताकतवर और ज्ञानी लोगों का हथियार है। मनुष्य विवेकवान है और सोचता है तथा इसी वजह से विवेकी व्यक्ति हिंसा का रास्ता नहीं अपनाता।
भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश भर में महावीर जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। यदि आप किसी बात से सहमत नहीं हैं आपसे क्रुद्ध है तो आपको विचार करना होगा और सही समाधान होगा। यह अनेकान्तवाद भगवान महावीर स्वामी का विचार है। सत्य कई रूपों में हो सकता है और सबके विचारों का सम्मान करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर कहते थे कि मानसिक हिंसा भी मत कीजिये। सबसे अच्छा व्यवहार करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान महावीर के जीवन से जुड़े प्रसंग और शिष्यों से हुई उनकी चर्चा सामजिकजनों से साझा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवों के साथ महावीर स्वामी अहिंसा का भाव रखते ही थे। प्रकृति को सहेजने को लेकर भी उनके मन में गहरी भावना थी।
इस मौके पर विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल ने भी अपना संबोधन दिया। जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र साहू, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष आरएन वर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष अजय श्रीश्रीमाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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