

भिलाई नगर, 16 मई। भिलाई के निर्माणाधीन डबरापारा रेल्वे ब्रिज से 10 लाख का हाईड्रोलिक जेक उड़ाने वाले आरोपियों को पुलिस ने धरदबोचा है। इस चोरी के मामले में एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दुष्यंत ठाकुर (19 साल) निवासी डबरापारा दक्षिण भिलाई-3, राहुल साहू (19 साल) निवासी डबरापारा दक्षिण भिलाई-3, मोहन निर्मलकर (30 साल) निवासी डबरापारा भिलाई-3 समेत एक नाबालिग बालक शामिल है। आरोपियों के खिलाफ धारा 379 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों के निशानदेही पर चोरी गई चार नग हाईड्रोलिक जेक व चार नग लोहे की प्लेट बरामद की गई है।
एसपी डाक्टर अभिषेक पल्लव पुलिस ने बताया कि चोरी गई हाईड्रोलिक जेक नहीं मिलने से पुल निर्माण में चार माह और विलम्ब हो सकता था। साथ ही हाईड्रोलिक जेक चोरी होने से पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने व जान-माल की हानि होने की भी पूर्ण सम्भावना जताई गई थी। 15 मई को प्रार्थी कीर्तन दत्त तिवारी निवासी दुर्गा मंदिर के पास जामुल जिला दुर्ग ने थाना पुरानी भिलाई में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह इंडस्ट्रीयल सिक्युरिटी कंपनी का संचालक है तथा रायल इन्फा लिमिटेड कंपनी के साईट डबरापारा में सिक्युरिटी का काम देखता है। 14 मई की दरम्यानी रात में डबरापारा नव निर्मित रेल्वे ओव्हर ब्रिज के पास से बड़ी संख्या में एमएस प्लेट, कुर्सियां, सरिया, सेंटरिंग प्लेट के साथ-साथ चार नग 250-250 टन क्षमता का हाईड्रोलिक जेक जिस पर पुल टिका था उस स्थान पर नहीं है, कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है। रिपोर्ट पर थाना पुरानी भिलाई में धारा 379 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

चोरों को पकडऩे में थाना प्रभारी पुरानी भिलाई निरीक्षक मनीष शर्मा एवं प्रभारी एसीसीयू निरीक्षक संतोष मिश्रा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई के लिए लगाया गया था। टीम द्वारा घटना स्थल का सुक्ष्मता से अवलोकन किया गया, घटना स्थल से आरोपियों के द्वारा ब्रिज के आधार पर लगे 250-250 टन क्षमता के चार नग हाइड्रोलिक जेक को बोल्ट खोलकर प्लेट सहित चोरी करना प्रतीत हो रहा था। घटना स्थल के आस-पास के लोगों से पूछताछ कर पतासाजी के प्रयास किया जा रहा था तभी विशेष सूत्रों से पता चला कि डबरापारा निवासी दुष्यंत ठाकुर, राहुल साहू, मोहन निर्मलकर सहित एक नाबालिग बालक की संदेहास्पद उपस्थिति घटना की रात को दिखाई दी है। इन लड़कों पर सतत् निगाह रखी गई। इनकी गतिविधियां संदिग्ध पाये जाने से, दुष्यांत ठाकुर, राहुल साहू व मोहन निर्मलकर को पकड़ कर पूछताछ किया गया जो कि प्रारम्भिक पूछताछ पर गुमराह करते रहे किन्तु सतत तथ्यात्मक पूछताछ करने पर घटना दिनांक को ब्रिज में लगे चार नग हाईड्रोलिक जैक व चार नग लोहे के प्लेट को अपने एक नाबालिक साथी के साथ मिलकर नट खोलकर चोरी कर ले जाना और अपने पास रखना बताया। उनकी निशानदेही पर चोरी का जैक व प्लेट बरामद किया गया तथा अग्रिम कार्यवाही थाना पुरानी भिलाई से की जा रही है।
एसपी दुर्ग ने बताया कि चोरी गई जैक नहीं मिलने पर कंपनी को आर्थिक नुकसान तो होता ही साथ ही साथ नव निर्मित ब्रिज का काम चार महीने विलम्ब हो जाने की भी सम्भावना थी। ब्रिज पर लगे जैक चोरी हो जाने से रेलवे ट्रैक के उपर बने पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने, गिर जाने की भी पूर्ण सम्भावना थी, जिससे जान-माल का नुकसान भी हो सकता था।
चोरी गई जैक का उपयोग ब्रिज पर स्लैब कास्टिंग के बाद लोहे की बीम व सपोर्ट सिस्टम को बाहर निकालने और स्लैब को वैरिंग पर बैलेंस कर बैठाने के लिये उपयोग किया जाता है।
