दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों तक पहुँचते हैं हथियार और गोला बारूद – आईजी बीएसएफ

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दुर्ग न्यूज, 28 मई। आईजी बीएसएफ छत्तीसगढ़ इंद्रराज सिंह ने कहा कि बीएसएफ के नक्सल ऑपरेशन में 175वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। बीते शुक्रवार को कांकेर के ग्राम बिचपाड़ा के पास नक्सलियों और बीएसएफ के बीच हुई फायरिंग में एक महिला नक्सली को जिंदा गिरफ्तार किया गया है। वहां से बड़ी मात्रा में हथियार भी मिले हैं।

उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास दूसरे राज्यों से हथियार और गोला बारूद पहुंचता है। इसका पता लगाया जा रहा है। जिले के अलग-अलग जगहों पर नक्सली मूवमेंट की सूचना मिली थी। इसके आधार पर बीएसएफ ने बड़ा ऑपरेशन तैयार किया। इसके लिए सात टीमें तैयार की गई थीं। सातों टीमें सीओबी, संगम, मरोड़ा, छोटेबेठिया, बड़ेझारकट्टा, मंडागांव, मेंड्रा और बड़गांव सक्रिय ऑपरेशन के लिए भेजा। सातों टीमें तय निर्देश के मुताबिक अपने-अपने इलाकें में उतार गईं। जब सीओबी मेड्रा की टीम उरपंजू के पटेलपारा के पास पहुंची। घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उनके ऊपर फायरिंग कर दी। बीएसएफ के जवानों ने भी नक्सलियों की फायरिंग का मुहतोड़ जवाब दिया। आधे घंटे तक चली फायरिंग के बाद नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग गए। इसके बाद वहां बीएसएफ और डीआरजी का अतरिक्त बल बुलाया गया। उनके द्वारा मौके पर प्रभावी सर्च किया गया। वहां उन्हें एक महिला नक्सली घायल अवस्था में मिली। उसकी पहचान फगनी पोड़याम (24 वर्ष) निवासी नारायणपुर के रूप में की गई है। वो कोटरी रिवर एरिया कमेटी की एलओएस सदस्य है। उसके पास से बीएसएफ की टीम ने एक रायफल, जिंदा कारतूस, 6 प्रशर कुकर आईडी, 7 मैकेनिज्म, नक्सर ड्रस और आईईडी से संबंधित वायर सहित अन्य सामान जब्त किया है। बीएसएफ के जवानों का इलाज एम्स रायपुर में चल रहा है। वो खतरे से बाहर हैं। घायल महिला नक्सली के स्वस्थ हो जाने के बाद बीएसएफ नक्सल महिला से पूछताछ करेगी तकि कुछ खुलासा हो सके। बीएसएफ के जवानों ने इस आपरेशन में बहुत ही बहादुरता और साहस के साथ अपना परिचय और मानव अधिकारों की सुरक्षा और मानवता का भी एक बहुत अच्छा उदाहरण दिया है। हमने घायल महिला नक्सली को उचित चिकित्सा देकर अच्छे हॉस्पिटल में भेजा है। मौका ऐ वारदात से छ: पेशर कुकर आईडी जिसमें चार से पाच किलो बारूद भरा था, रिमोट कंट्रोल आईडी डिवाइसेस मिले हैं जो कि फोर्सेस के लिए आगे इस्तेमाल किया जाना था। इससे फोर्स को बहुत नुकसान हो सकता था। जैसे कि आपने कुछ दिन पहले देखा होगा गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के बोडॅर पर एक ट्रैक्टर ट्राली पकड़ाई थी जिसमें कुछ नक्सली अरेस्ट हुए। उसमें 90 बण्डल कोडेस और 500 डेटोनेटर पकड़े गए थे। नक्सली कहां से हथियार लाते हैं ये बताया नहीं जा सकता। छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों से गोला बारूद पहुँचता रहा है।

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