
दुर्ग न्यूज़, 16 अक्टूबर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय (जेआरडी) दुर्ग के एक व्याख्याता पर उसी विद्यालय की एक शिक्षिका ने यौन उत्पीड़न की नीयत से छेड़छाड़ (बैड टच) करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना की शिकायत पहले तो प्राचार्या से की गई लेकिन उन्होंने शिकायत लेने से ही इंकार कर दिया। तब मजबूरन शिक्षिका ने जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग व कोतवाली थाना दुर्ग को लिखित में घटना की शिकायत की है।

कोतवाली पुलिस ने इस संबंध में कहा कि पीड़िता के द्वारा शिकायत की गई है परंतु शिक्षा का समिति के समक्ष पूरा मामला सुनवाई हेतु लंबित है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। विशाखा समिति के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी साक्ष्य का भी अभाव है विद्यालय के सीसीटीवी कैमरे बंद है। हाल ही में इस विद्यालय में आचार संहिता के उल्लंघन की कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं उसके बाद एक और गंभीर यह मामला सामने आया है।
शिकायत के अनुसार घटना 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे के आसपास की है। यहां स्टाफ रूम में महिला शिक्षिका विभागीय कार्य कर रही थी। इसी दौरान सूनेपन का फायदा उठाते हुए बदनीयती से विद्यालय के एक व्याख्याता ने उनसे अचानक छेड़छाड़ (बैड टच) करना शुरू कर दिया। इसका शिक्षिका ने विरोध किया।

शिकायत के अनुसार जब छेड़छाड़ की इस घटना की जानकारी शिक्षिका ने प्राचार्या को दी तो उन्होंने इस घटना पर संज्ञान लेने की बजाय आरोपी व्याख्याता का पक्ष लिया। शिक्षिका ने प्राचार्या से कहा कि वे आरोप की पुष्टि के लिए सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देख लें। लेकिन उन्होंने इस मामले में किसी भी प्रकार से कार्यवाही नहीं की।
प्राचार्या ने नहीं ली शिकायत
जब शिक्षिका ने प्राचार्या से इस घटना की लिखित शिकायत करते हुए आवेदन देना चाहा तो उन्होंने आवेदन लेने से ही इंकार कर दिया। इधर इस पूरी घटना से विद्यालय का महिला शिक्षिकाओं का स्टाफ डरा हुआ है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
कोतवाली पुलिस कर रही जांच
दुर्ग कोतवाली थाना प्रभारी महेश ध्रुव ने बताया कि पीड़िता द्वारा स्कूल के ही एक शिक्षक पर बैड टच करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इस शिकायत पर पुलिस विद्यालय पहुंची थी एवं प्राचार्या से संपर्क भी किया था। स्कूल प्राचार्या द्वारा घटना के दौरान शिक्षक के उनके पास ही बैठे होने की बात कही गई है। स्कूल के कैमरे बंद होने के कारण तकनीकी साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त नहीं हो सका है । फिलहाल मामला विशाखा समिति के समक्ष विचाराधीन है। विशाखा समिति के निर्णय के बाद ही पुलिस द्वारा कार्यवाही की जाएगी।
