

दुर्ग। नौकरी लगाने के नाम पर महिला से 5.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलगांव पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में आरोपी महिला के बैंक खाते में ऑनलाइन राशि ट्रांसफर कराने के साथ ही नगद रकम लेने का आरोप है।
पुलगांव थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू ने बताया कि ग्राम चंदखुरी, जिला दुर्ग निवासी किरण चंद्राकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति प्रमोद चंद्राकर की पहचान इसरार खान से थी। इसरार खान ने उन्हें बताया कि उसकी पहचान मोनिका सोनी उर्फ मोनिका गुप्ता से है और मोनिका की बड़े अधिकारियों से जान-पहचान होने के कारण वह उनकी पत्नी की नौकरी लगवा सकती है।
इसके बाद इसरार खान ने किरण चंद्राकर की मुलाकात मोनिका सोनी से कराई। आरोप है कि मोनिका सोनी ने प्रयोगशाला में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते हुए 5 लाख 42 हजार रुपये की मांग की। नौकरी की उम्मीद में प्रार्थिया पक्ष ने मोनिका सोनी के बैंक खाते में 5 लाख 12 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। जबकि 30 हजार रुपये नगद दिए गए।
रकम लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगाई गई। जब प्रार्थिया ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने पैसा वापस नहीं किया। इसके बाद पुलगांव थाने में धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलगांव पुलिस ने आरोपी को पकड़कर थाने लाया, जहां पूछताछ में मोनिका सोनी द्वारा 5 लाख 12 हजार रुपये ऑनलाइन प्राप्त करने तथा इसरार खान द्वारा 5 हजार रुपये नगद प्राप्त करने की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायिक डिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विवेचना की जा रही है।
महिला आरोपी के संबंध में पुलिस ने बताया कि छावनी एवं मोहन नगर थाने में रहते हुए भी महिला द्वारा ठगी की गई थी जिसके कारण उसे पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था। कुछ ही दिन पूर्व जेल से रिहा हुई थी। दोबारा उसे गिरफ्तार कर आज जेल भेज दिया गया।
