पति को घर जमाई बनाकर रखा, ससुराल में दुर्व्यवहार और पिटाई भी, हाईकोर्ट ने कहा- यह क्रूरता… तलाक का फैसला बरकरार | Kept husband as son-in-law, misbehavior and beating in in-laws house, High Court said- this cruelty… Divorce decision upheld

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बिलासपुर13 घंटे पहले

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शादी के बाद पति को घरजमाई बनाकर रखा। पत्नी के घरवालों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की। - Dainik Bhaskar

शादी के बाद पति को घरजमाई बनाकर रखा। पत्नी के घरवालों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की।

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शादी के बाद पति को घरजमाई बनाकर रखा। पत्नी के घरवालों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की। रिश्ते सुधारने के हरसंभव प्रयास करने के बाद पत्नी और ससुरालवालों का रवैया नहीं सुधरने पर पति ने फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए मामला प्रस्तुत किया। कोर्ट ने तलाक की अर्जी मंजूर कर ली थी। पत्नी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की बेंच ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

मोपका में रहने वाले युवक और बिलासपुर के जूना बिलासपुर में रहने वाली महिला की शादी 20 अप्रैल सन् 2000 को हुई थी। शादी के बाद महिला अपने ससुराल में रहने लगी, लेकिन कुछ समय बाद उसने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए पति के साथ मायके में रहने की इच्छा जताई। पति उस समय बेरोजगार था, इसलिए वह पत्नी के साथ नौकरी की तलाश में वहां रहने लगा, लेकिन कुछ समय बाद पत्नी, उसकी बहनें और ससुरालपक्ष के अन्य लोग पति के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने लगे।

इसी बीच पति की कोरबा के जमनीपाली में अस्थायी नौकरी लगी, तो वह वहां चला गया। कुछ समय बाद उसकी बिलासपुर में ही शिक्षाकर्मी वर्ग-2 के पद पर नौकरी लगी। पत्नी के कहने पर वह फिर से ससुराल में ही रहने लगा, लेकिन पत्नी के व्यवहार में बदलाव नहीं आया तो उससे ससुराल छोड़ दिया और अलग रहने लगा।

पत्नी ने कहा- मायके में रहने पर ही रहेगी पति के साथ

फैमिली कोर्ट में काउंसिलिंग के दौरान पत्नी ने कहा कि वह पति के साथ तभी रहेगी जब वह उसके मायके में रहेगा। इसके साथ ही पत्नी का व्यवहार लगातार उसके प्रति खराब रहा। फैमिली कोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला देते हुए तलाक की डिक्री मंजूर की थी। पत्नी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने पाया कि पत्नी का व्यवहार कठोर और क्रूरतापूर्ण रहा है। पत्नी अपने मायके में रहने के लिए लगातार दबाव बनाती रही। पति के प्रयासों के बाद पत्नी, उसकी बहनों और माता- पिता का व्यवहार नहीं बदला।

पत्नी के कहने पर भिलाई से बिलासपुर तबादला कराया
इसी दौरान पति की शिक्षाकर्मी वर्ग-1 के पद पर दुर्ग जिले में नौकरी लगी। वह भिलाई के करंजा में किराये के मकान में रह रहा था। पत्नी वहां पहुंची और पति के साथ रहने का अनुरोध किया तो उसने दुर्ग से बिलासपुर तबादला कराया और दोबारा पत्नी के साथ उसके मायके में रहने लगा, लेकिन पत्नी, उसकी बहनों और माता- पिता का व्यवहार नहीं बदला। पत्नी लगातार क्रूरतापूर्ण व्यवहार करती रही।

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