अफसरों ने नहीं सुनी समस्याएं तो बैठक छोड़कर निकले, कहा-CG में यात्रियों की सुविधाओं की उपेक्षा | Officers did not listen to the problems, then the representatives left the meeting, said- Neglecting the facilities of the passengers in CG

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बिलासपुरएक घंटा पहले

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सांसद प्रतिनिधियों ने बैठक में जताई नाराजगी। - Dainik Bhaskar

सांसद प्रतिनिधियों ने बैठक में जताई नाराजगी।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मंडल स्तरीय बैठक में संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधियों की बैठक हंगामेदार रही। रेलवे के अड़ियल रवैए से नाराज सांसद प्रतिनिधियों ने बैठक में जमकर हंगामा मचाया और छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों का ख्याल नहीं रखने के आरोप लगाए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जांजगीर-चांपा क्षेत्र के सांसद गुहाराम अजगले रेलवे की तरफदारी करते दिखे, तब नाराज सांसद प्रतिनिधियों ने बैठक का ही बहिष्कार कर दिया। उनका कहना था कि मंडल स्तरीय बैठक में यात्रियों की सुविधा के लिए आए प्रस्तावों को रेलवे बोर्ड को भेजने के बजाए मंडल के अधिकारी अपने स्तर पर ही टालमटोल करने की कोशिश कर रहे हैं।

बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले संसदीय क्षेत्रों के की बैठक की अध्यक्षता जांजगीर-चांपा के सांसद गुहाराम अजगले ने किया। वहीं, रायगढ़ सांसद गोमती साय के साथ ही शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह व अन्य सांसदों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कुमार ने बैठक के पहले सभी सांसद और प्रतिनिधियों को स्वागत करते हुए रेलवे के विकास के लिए प्रस्ताव और सुझाव मांगा।

DRM ने गिनाई रेलवे की उपलब्धियां
बैठक में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) प्रवीण पाण्डेय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का परिचय देते हुए उपलब्धियों, यात्री सुविधाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी और प्रोजेक्टर के माध्यम से रेलवे की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर मण्डल में यात्री सुविधाओं से संबंधित लगातार काम किए जा रहे हैं और आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में गाड़ियों की क्षमता आवर्धन, दिव्यांगजनों, महिलाओं के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रेलवे के मंडल स्तरीय बैठक में रेल सुविधाओं पर नहीं हुई चर्चा।

रेलवे के मंडल स्तरीय बैठक में रेल सुविधाओं पर नहीं हुई चर्चा।

सांसद प्रतिनिधियों ने गिनाई समस्याएं, तब अफसरों ने बताई दिक्कतें
बैठक में कोरबा की सांसद डॉ. ज्योत्सना चरणदास महंत के प्रतिनिधि हरीश परसाई सहित अन्य सांसद प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर रेलवे जोन देश का सर्वाधिक आय देने वाला जोन है। इसमें बिलासपुर रेल मंडल से ही रेलवे को माल लदान में सबसे ज्यादा आय प्राप्त होता है। फिर भी रेलवे की ओर से यहां यात्रियों की सुविधाओं और समस्याओं के निराकरण के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रतिनिधियों ने कोरोना काल से बंद ट्रेनों के साथ ही ट्रेनों के स्टॉपेज बंद करने की समस्याएं उठाई। इसी तरह छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार, नई ट्रेनें शुरू करने, एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव जैसे मुद्दे उठाए, तब जोन और मंडल के अफसरों ने समस्याओं और सुझाव पर चर्चा करने के बजाए हाथ खड़े कर दिए गए और दिक्कतें बताने लगे।

खदान में ही मालगाड़ी रोकने दी चेतावनी
सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई ने बैठक में समस्याओं को नजरअंदाज करने और प्रस्ताव पर चर्चा के बाद उसे रेल मंत्रालय को भेजने का मुददा उठाया। उनका कहना था कि सांसद और उनके प्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर चर्चा कर उसे रेल मंत्रालय को भेजना चाहिए। लेकिन, जोन और मंडल के अफसर उनके सुझाव और प्रस्ताव पर स्थानीय स्तर पर ही टिप्पणी कर खामियां गिना रहे हैं। ऐसे में उन्होंने इस बैठक के औचित्य पर ही सवाल उठाया और हंगामा मचाने लगे। वहीं, बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद गुहाराम अजगले भी रेलवे के अफसरों की तरफदारी कर बचाव करते दिखे। इससे नाराज सांसद प्रतिनिधि परसाई के साथ ही अन्य प्रतिनिधि भी बैठक को छोड़कर बाहर निकल गए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि उनके प्रस्ताव और सुझाव पर अमल नहीं होने पर स्थानीय लोगों के साथ कोयला खदान से मालगाड़ियों को रोक कर आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी रेलवे अफसरों की होगी।

इधर, रेलवे मंडल की बैठक के बाद सांसद गुहाराम अजगले ने भी रेलवे के विकास कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से रेल सुविधाएं बहाल कर दी गई है और जोन की सभी ट्रेनों को शुरू कर दिया गया है। छोटे स्टेशनों के स्टॉपेज खत्म करने के सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार तय स्टेशनों में सुविधाएं दी जा रही है।

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