स्पीकर पद के लिए नहीं बनी सहमति, 72 साल में पहली बार देश में चुनाव: ओम बिरला के खिलाफ के सुरेश विपक्ष के उम्मीदवार

Share this

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

दिल्ली। सत्तारूढ़ भाजपा नीत राजग और विपक्ष के बीच आम सहमति नहीं बन पाने के बाद पहली बार लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। यह देश के इतिहास में पहली बार होगा कि लोकसभा स्पीकर के लिए चुनाव होगा।

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

एनडीए ने जहां बीजेपी सांसद ओम बिड़ला को अपना उम्मीदवार चुना है, वहीं विपक्ष ने दिग्गज कांग्रेस नेता के सुरेश को मैदान में उतारने का फैसला किया है। सरकार ने विपक्षी दल इंडिया गुट के यह कहने के बाद कि वह अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है, लोकसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पर आम सहमति बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को तैनात किया था। आम चुनाव में ओम बिड़ला ने कोटा लोकसभा सीट पर 41,000 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी।

इससे पहले, सूत्रों ने कहा था कि अगर लोकसभा अध्यक्ष के लिए एनडीए के उम्मीदवार पर आम सहमति बनती है तो उपाध्यक्ष का पद विपक्ष के पास जा सकता है। भाजपा ने 2014 में अन्नाद्रमुक के एम थंबी दुरई को उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। यह पद 2019 से खाली है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को NDA के उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए राजनाथ सिंह का फोन आया था।

रायबरेली सांसद ने कहा, परंपरा के मुताबिक उपसभापति का पद विपक्ष को दिया जाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने मल्लिकार्जुन खरगे को फोन किया, और उन्होंने उनसे स्पीकर को समर्थन देने के लिए कहा। पूरे विपक्ष ने कहा कि हम स्पीकर का समर्थन करेंगे, लेकिन परंपरा यह है कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को दिया जाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह देंगे। राहुल गांधी ने कहा, मल्लिकार्जुन खरगे को वापस बुलाओ, लेकिन उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है।

READ MORE  डिप्टी सीएम साव के भांजे की रानीदहरा जलप्रपात में डूबने से मौत, फ्रेंडशिप डे पर गए थे पिकनिक

प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब की नियुक्ति पर सरकार और विपक्ष के बीच कड़वे गतिरोध के बाद स्पीकर पद पर सहमति बनी है। सोमवार को विपक्षी नेताओं ने प्रोटेम स्पीकर की मदद के लिए बने पैनल का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने सरकार पर लोकसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य को अस्थायी पद पर नियुक्त नहीं करने की परंपरा से हटने का आरोप लगाया। 18वीं लोकसभा के पहले दिन की शुरुआत हंगामेदार रही, 1975 में आपातकाल लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच जुबानी जंग सत्र में हावी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 262 सांसदों के शपथ लेने के साथ ही विपक्ष ने संसद परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी सहित इंडिया ब्लॉक के सांसदों को “लोकतंत्र बचाओ” के नारे लगाते और संविधान की प्रतियां प्रदर्शित करते देखा गया।

Share this