
धमतरी। मछली पालन के लिए केज (पिंजरा) खरीदी में फर्जीवाड़ा करने वाली मत्स्य विभाग धमतरी की सहायक संचालक गीतांजलि गिरफ्तार हो गई। कोतवाली पुलिस ने शनिवार देर शाम गीतांजलि को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
आरोप है कि फर्जी हितग्राही बनाकर सहायक संचालक गीतांजली ने 2 करोड़ 16 लाख की धोखाघड़ी की है। हितग्राहियों के बजाए इस राशि को केज बेचने वाली 3 फर्मों के खाते में ट्रांसफर किया गया।
मामला सामने आने के बाद संचालनालय की टीम ने पूरे फर्जीवाडे की जांच की। जिसमे धमतरी की सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए की भूमिका प्रमुख रही है। जांच टीम की रिपोर्ट के बाद करीब 15 दिन पहले गीतांजलि गजभिए पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ। FIR दर्ज होने के बाद गजभिए फरार हो गई।
3 फर्मों पर भी FIR
केज खरीदी के फर्जीवाड़ा में सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए के अलावा सप्लायर फर्म मेसर्स स्टार सप्लायर बिलासपुर, एसएस एक्वाकल्चर पथरी फिंगेश्वर राजिम, एसएस एक्वा फीड झांकी रायपुर के संचालकों को भी इस प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। इन तीनो फर्म के खाते में हितग्राही को मिलने वाली सब्सिडी की राशि सीधे ट्रांसफर की गई थी। पुलिस तीन फर्मों को लेकर जांच जारी होने का दावा कर रही है। मामले में आगे और भी गिरफ्तारी संभव है। यह पूरा मामला 2023 का है। जिसमे राजनांदगांव की तत्कालीन व धमतरी की सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए की भूमिका प्रमुख बताई जा रही है।
