खाबो लाठी जाबो जेल, हमर नेता भूपेश बघेल…विजय शर्मा मुर्दाबाद…के नारों के बीच कांग्रेसियों से बर्बरता, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

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भिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में पाटन से विधायक भूपेश बघेल के काफिले को रोकने का प्रयास करने वाले बजरंगियों की गिरफ्तारी के मामले में थाना घेरने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस ने जो दिखा, उस पर सीधे डंडे बरसा दिए। इस दौरान कुम्हारी पालिका के अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य और वर्तमान में युवा कांग्रेस अध्यक्ष जयंत देशमुख पर पुलिस ने जमकर डंडे बरसाए। वे गृहमंत्री विजय शर्मा मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद वे भिलाई-तीन थाने की तरफ बढ़ रहे थे, इतने में पुलिस ने उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक इस प्रदर्शन के दौरान 15 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चोटें आईं है। पुलिस के कुछ जवान भी घायल हुए हैं। जामुल थाने के टीआई कपिल पांडेय के सिर और नाक में चोट आई है। इस घटना के बाद कांग्रेसियों ने मोर्चा खोल दिया है। पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐलान किया है। पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने के नाम पर लाठियां भांज रही है। जबकि कांग्रेसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे।

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आखिर क्या है यह पूरा मामला ?

भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में तीन दिन पहले कांग्रेस ने प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया था। हर जिला मुख्यालय में आंदोलन का आयोजन किया गया। दुर्ग में भी ऐसा ही एक आयोजन था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस प्रदर्शन में शामिल होने पर अपने भिलाई-3 स्थित आवास से निकले थे कि इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनका काफिला रोका। उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों से बदसलूकी की। इस मामले में भिलाई-3 पुलिस ने बाद में अपराध दर्ज किया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने में प्रदर्शन किया। इसके बाद कुछ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। इस मामले में भिलाई-चरोदा निगम के सभापति कृष्णा चंद्राकर सहित अन्य कांग्रेसी पहले थाने पहुंचे, किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज होकर वे थाने से बाहर निकले। इसके बाद केजी फिटनेस जिम पहुंच गए। यहां पर उन्होंने जिम संचालक व बजरंग दल कार्यकर्ता पुष्पराज सिंह की तलाश की। नहीं मिलने पर पास के होटल में बैठे अमित लखवानी से नाम पूछा और मारपीट शुरू कर दी। उसे गाड़ी में बिठाकर थाने के सामने छोड़कर निकल गए। बाद में इसी मामले में भाजपा और बजरंग दल ने देर रात तक थाने में प्रदर्शन किया। एकता नगर निवासी पुष्पराज की शिकायत पर पुलिस ने कृष्णा चन्द्राकर, एस वेंकट रमना, पप्पू चन्द्राकर और नजरुल इस्लाम सहित अन्य के खिलाफ धारा 189 (2), 190, 296, 351 (2) के तहत जुर्म दर्ज किया। उनके विरुद्ध अपराध दर्ज होने से कांग्रेसी आक्रोशित हो गए। उन्होंने मंगलवार को धरने का ऐलान कर दिया। वे पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और सुरक्षा जवानों के साथ हुए दुर्व्यवहार करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस अफसरों का कहना है कि प्रदर्शन के लिए उनसे लिखित अनुमति नहीं ली गई थी। मौखिक रूप से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का वादा किया था, फिर भी प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और थाने की ओर जाने लगे। समझाइश का असर नहीं होने पर लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं रुके और आगे बढ़ने लगे। इस बीच गहमा-गहमी शुरू हो गई। दोपहर करीब 1.30 बजे के आसपास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ चल रहे कुम्हारी पालिका अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर समेत अन्य कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। कुछ लोग चोटिल भी हुए।

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जामुल टीआई कपिल पांडेय का सिर फूटा, वीडियो फुटेज से होगी जांच

प्रदर्शनकारियों को दौड़कर खदेड़ने के दौरान जामुल थाना प्रभारी कपिल पांडेय का सिर फूट गया, जिससे खून निकल आया। इसके अलावा कई अन्य पुलिस कर्मियों को भी मामूली चोटें आई। ऐसे में टीआई को चोट कैसे लगी। जांच के लिए एसपी ने आदेश दे दिए हैं। वीडियो फुटेज से पता लगाया जाएगा कि उन्हें चोट कैसे लगी। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इधर घटना में कई कांग्रेसी कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इधर पुलिस अपहरण के मामले में सभापति कृष्णा चंद्राकर को तलाश रही है। अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में भी अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है।

पुलिस की कार्यप्रणाली सवाल, मजिस्ट्रियल जांच की मांग

इस पूरी घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं। कांग्रेस के नेताओं ने जानबूझकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं के इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले में राज्यपाल से मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के कई अफसर दोषी हैं, उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर के आड़ में लाठियां बरसाने के आदेश दिए। जबकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, कार्यकर्ता सिर्फ नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुनियोजित तरीके से लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। उनकी पहले से इस तरह की घटना को अंजाम देने की तैयारी थी। बिना कोई पूर्व अल्टीमेटम दिए हमारे कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया। दुर्ग पुलिस अधीक्षक को इसका जवाब देना ही होगा।

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