CG News: रसमड़ा में पति-पत्नी को बंधक बनाकर 30 लाख कीमती ज्वेलरी की डकैती के पकड़ में आए आरोपी 

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CG News: रसमड़ा में पति-पत्नी को बंधक बनाकर 30 लाख कीमती ज्वेलरी की डकैती के पकड़ में आए आरोपी

भिलाई। रसमड़ा में आरामिल के मालिक पति व पत्नी को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने मध्यप्रदेश के धार टांडा से गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी भंगू डावर ने डकैती और एनएसपीसीएल के दो सूने मकानों में चोरी करना कबूल किया। पुलिस ने चोरी की सामग्री खरीदार समेत दो आरोपियों को भिलाई लाई। वहीं फरार चार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।

 

दुर्ग सीएसपी चिराग जैन ने पत्रवार्ता में यह खुलासा किया। आरोपियों ने नकाब लगाकर 8 जून 2024 को दिलीप टिंबर के मालिक दिलीप मिश्रा और उसकी पत्नी का हाथ पैर रस्सी से बांधकर उन्हे बंधक बना लिया था। घर से 30 लाख की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए थे।

पुलिस को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और ऑडियो हाथ लगी। उससे पता चला कि नाकाबपोश मध्यप्रदेश धार के भील गिरोह के हो सकते हैं। डीएसपी हेमप्रकाश के साथ एएसआई गुप्तेश्वर यादव और प्रधान आरक्षक प्रदीप सिंह को 6 सितंबर को रवाना किया गया। जहां 22 दिनों तक कैंप लगाकर आरोपी नरवाली निवासी भंगू डावर को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में भंगू ने अपने साथी मुख्य सरगना काला भाया, दिलीप, गणपत, अनिल राठौर, अनिल बघेल के साथ मिलकर रसमड़ा में डकैती और एनएसपीसीएल रुआबांधा, रायपुर क्षेत्र के खम्हारडीह में चोरी करना स्वीकार किया। भंगू के बताए अनुसार आरोपी भूर सिंह उर्फ भूरिया को सामान बेचा है। आरोपी भंगू की निशानदेही पर भूर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।

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डीएसपी ने बताया कि डकैती के सोने चांदी का सौदागर पीपलदल्या धार निवासी भूरसिंह चौहान से पूछताछ की गई। उसने चोरी की ज्वेलरी खरीदना स्वीकार किया। प्रति 12 ग्राम को 52 हजार में खरीदा था। 5 हजार रुपए कमीशन लेकर बाकी अपने आका इंदौर निवासी जैन को दे दिया है। जैन फरार है। आरोपियों से सोने चांदी के जेवर और नकद 3 लाख 20 हजार रुपए बरामद किया है।

डीएसपी ने बताया कि टांडा गांव जंगल से लगा है। शाम को ग्रामीण पोशाक में एएसआई गुप्तेश्वर यादव और प्रधान आरक्षक प्रदीप सिंह निकलते थे। सिर और कमर में गमछा लगाए रहते थे, ताकि किसी को शक न हो कि पुलिस वाले हैं। तालाश करते हुए 22 दिन बीत गए। इस बीच मुखबिर ने शाम को बताया कि भंगू आ रहा है। टीम ने जैसे ही भंगू को दबोचा। वहां पर हल्ला हो गया। पुलिस आ गई। महिलाओं ने घेर लिया। हुज्जत करने लगी। तब तक उसके साथ जो लोग थे जंगल की ओर भाग गए।

 

पुलिस दो महीने से लगी रही। अंतर्राज्यीय गिरोह को पकड़ना मुश्किल होता है, लेकिन दो आरोपियों को पकडऩे में सफल हुए हैं। मुख्य आरोपी काला भाया भी रडार में है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

गमछा में पत्थर बांधे रहते हैं आरोपी

एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि आरोपी गमछा में पत्थर रखकर उसे कमर में बांध लेते है। काला भाया गुलेल चलाने में एक्सपर्ट है। कुत्तों के भौंकने पर काला भाया उन पर गुलेल चलाकर भगा देता है।

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