खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण पर स्पोटर्स ऑफिसर जीएन सिंह बोले- मेरे पास कभी कोई शिकायत नहीं आई | Sports officer GN Singh said on sexual harassment with players – I have never received any complaint

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रायपुरएक घंटा पहलेलेखक: अश्विनी पाण्डेय

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राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण पर यौन शोषण का आरोप लगाकर धरने पर बैठे अधिकतर खिलाड़ी रेलवे में पोस्टेड हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने स्पोटर्स ऑफिसर से कभी ऐसी कोई शिकायत नहीं की। यह कहना है खुद विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक जैसे दर्जनों खिलाड़ियों के स्पोटर्स ऑफिसर जीएन सिंह का। जीएन सिंह रेलवे में डायरेक्टर,न्यूट्रल कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के साथ-साथ नाॅर्थन रेलवे कुश्ती और क्रिकेट के स्पोटर्स ऑफिसर भी हैं।

जीएन सिंह ने भास्कर से यह खुलासा किया कि इन खिलाड़ियों ने कभी यौन शोषण से जुड़ी शिकायत न ताे मुझे की और न मेरे अधिकारियों को। अगर हम कार्रवाई नहीं करते तो वे धरने पर बैठते। अब कुश्ती के साथ राजनीति हो रही है। इन खिलाड़ियों ने धरने पर बैठने के लिए रेलवे से अनुमति लेना तक उचित नहीं समझा।

विनेश फोगाट, साक्षी मलिक ऐसे आरोप क्यों लगा रही हैं?

इंस्ताबुल के क्वालिफाइंग वर्ल्ड कप में मैं मैनेजर बनकर गया था। यहां विनेश ने गोल्ड और साक्षी ने सिल्वर जीता था। तब से लेकर आज तक उन्होंने कभी मुझे कोई ऐसी कंप्लेन नहीं की। कभी-कभी खिलाड़ी खाने या व्यवस्था को लेकर शिकायत करते हैं, जिस पर तुरंत एक्शन भी लिया जाता है।
खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण हो रहा है, ऐसा आपकी जानकारी में है?

अगर किसी को कोई समस्या होती है तो नियमानुसार स्पोटर्स ऑफिसर को अपनी शिकायत कर सकता है, लेकिन इस तरह की कभी कोई शिकायत नहीं आई। अगर मैं शिकायत पर एक्शन नहीं लेता तब आप उच्च अधिकारियों को बताते। जब वहां भी कोई एक्शन नहीं होता तब आपको धरने पर बैठना चाहिए था।

अधिकतर खिलाड़ी रेलवे के हैं, क्या धरने पर बैठने के लिए अनुमति ली है?

हम रेलवे में सर्विस कर रहे हैं तो हमें उनके नियमों का ही पालन करना होगा। ये खिलाड़ी होने के साथ-साथ रेलवे के कर्मचारी भी हैं, ऐसे में धरने पर बैठने से पहले उन्हें डिपार्टमेंट से अनुमति लेनी चाहिए थी। इसके पहले भी कॉमर्शियल एडवरटाइजिंग में भाग लेने के लिए ये लोग अनुमति तक नहीं लेते। मैं सीनियर्स को अब कार्रवाई के लिए लिखूंगा। इन पर एक्शन जरूर लिया जाएगा।

कोच पर भी यौन शोषण के आरोप लगे हैं?
कुश्ती में अनुशासन अनिवार्य होता है। कोच नियम संयम से रहते हैं। जितने कोच को मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, कभी किसी के खिलाफ कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली है। अगर मुझे पता चलता तो सबसे पहले मैं कार्रवाई करता।

बृजभूषण सिंह पर भी आरोप लगे हैं, इस पर क्या कहना है?
अभी जो हो रहा है वह राजनीति से प्रेरित है। बड़े खिलाड़ियों ने भी अपना अगला टारगेट राजनीति में जाना बना लिया है। ऐसे में अनुशासन खत्म होता जा रहा है। एक महीने बाद राष्ट्रीय कुश्ती संघ का चुनाव है। एक विशेष वर्ग कुश्ती चुनाव में आना चाहता है। भारत में सबसे ज्यादा मैडल कुश्ती में आ रहे हैं। इसलिए सबकी नजर WFI पर है। अगर कोई गलत है तो उसकी जांच की जाए और कार्रवाई हो। लेकिन खेल के साथ राजनीति न हो। इससे देश का नाम भी खराब हो रहा है।

खिलाड़ियों ने पक्षपात का भी आरोप लगाया है?
बड़े खिलाड़ी नेशनल और वर्ल्ड कप में सीधे इंट्री चाहते हैं। जबकि सरकार ने नियम बनाया है कि बाउट में खेलने के बाद ही सलेक्शन होगा। नए खिलाड़ियों के साथ ये खिलाड़ी खेलना ही नहीं चाहते।

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