


दिल्ली।दिल्ली में अब रेखा राज स्थापित हो गया। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता ने शपथ ले ली है। रामलीला मैदान में उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य सीनियर नेता मौजूद रहे। शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज और आतिशी के बाद रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री हैं।
रेखा गुप्ता के बाद प्रवेश वर्मा और आशीष सूद ने मंत्री पद की शपथ ली। रेखा गुप्ता ने कहा, ‘मैं रेखा गुप्ता, ईश्वर की शपथ लेती हूं कि विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगी। मैं मुख्यमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंत: करण से निर्वहन करूंगी तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना सभी प्रकार के लोगों के प्रति संविधान और विधि के अनुसार न्याय करूंगी।’

हालांकि, अभी किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह फाइनल नहीं है। रेखा गुप्ता दिल्ली विधानसभा की नई नेता चुनी गई हैं। बुधवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की वापसी हुई है। रेखा गुप्ता मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज के बाद दिल्ली की चौथी बीजेपी मुख्यमंत्री हैं।
रेखा गुप्ता के साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी शपथ ली। रेखा गुप्ता के साथ अन्य छह मंत्रियों ने भी शपथ ली। इस लिस्ट में परवेश वर्मा का भी नाम है। उन्होंने नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को हराया है। आज मंत्री पद की शपथ लेने वालों में
परवेश वर्मा
आशीष सूद
पंकज सिंह
मनजिंदर सिंह सिरसा
कपिल मिश्रा
रविंद्र इंद्रज शामिल हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए तीन अलग-अलग मंच तैयार किए गए। मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मनोनीत मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सहयोगी सदस्य, और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी उपस्थित रहे। दूसरे मंच पर धर्मगुरु और विशिष्ट अतिथि मौजूद थे, जबकि तीसरे मंच पर संगीत कार्यक्रम से जुड़े कलाकार मौजूद थे।
रेखा गुप्ता दिल्ली की शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने ‘आप’ की बंदना कुमारी को 29,595 मतों के अंतर से हराया था। गत 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। भाजपा को 26 साल बाद ऐतिहासिक जीत मिली। पार्टी ने 70 में से 48 सीटें जीतीं, जबकि आम आदमी पार्टी 22 पर सिमट गई।
