
बालोद11 घंटे पहलेलेखक: ब्रजेश पांडेय

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प्रतीकात्मक तस्वीर
यह नजारा कबीरधाम जिले के ग्राम लखनपुर पंचायत के बासिनझोरी का है, जहां रात में पहरा दे रहीं यह महिलाएं कोई पुलिसकर्मी नहीं बल्कि स्पेशल महिला कमांडो हैं, जो निशुल्क निस्वार्थ सेवाभाव से सामाजिक बुराइयों को दूर करने पहल कर रहीं है। ताकि गांव में शांति का माहौल रहें, शराब पीकर कोई हुल्लड़बाजी न करें। रात का ऐसा नजारा जिसकी शुरुआत बालोद जिले से हुई थी, लेकिन यह अब कबीरधाम सहित प्रदेश के 15 जिले दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, जांजगीर, मुंगेली , कोरबा, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, बिलासपुर के सैकड़ों गांवों तक पहुंच गया है।

जहां लगभग 65 हजार कमांडो दिनभर में अपनी दैनिक गतिविधियों में शामिल होने के बाद सेवा कार्य के तहत रात में पहरा देतीं हैं। बालोद जिले में ही 502 गांवों में 12 हजार 500 महिला कमांडो की फौज सामाजिक बदलाव लाने निशुल्क पहल कर रहीं हैं। यही नहीं ये महिलाएं नशाबंदी, स्वच्छता से लेकर जनजागरूकता अभियान भी चला रहीं है।
इससे गांवों में सामाजिक बदलाव भी आ रहा है। जब कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था, तब यही महिलाएं थीं जिन्होंने फ्री में उनकी देखभाल व भोजन तैयार कर उन्हें देतीं थीं। इसके लिए 125 गांवों में महिला कमांडो ने स्वेच्छा इस यह पहल की थी। इन महिलाओं द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत सभी ब्लॉक बालोद, गुंडरदेही, डौंडी, डौंडीलोहारा, गुरूर में अनाज बैंक की स्थापना भी की गई है।
जानिए, किस तरह आ रहा बदलाव-
महिला कमांडो रात में गश्त कर रही हैं इसलिए चौक-चौराहों में शराब पीकर हुल्लड़बाजी करने वाले बाहर नहीं आ रहे है। एकता, भाईचारा को बढ़ावा मिला है क्योंकि शराब पीने वालों को सजा दिलाने के बजाय पहले समझाइश देकर अपील की जाती है कि ऐसा दोबारा न करें।
तंबाकू मत खाहु अऊ मंजन झन घिसहु ये सेहत बर बने नो हरे की अपील
पहरा देने के दौरान महिला कमांडो हाथ उठाकर लोगों से नशा न करने की अपील करती हुई कहती है तंबाकू मत खाहु अऊ मंजन झन घिसहु ये सेहत बर बने नो हरे। मरकाटोला, कोचवाही, पोंड की महिला कमांडो तामेश्वरी, सावित्री, तीजई, बसंता साहू, उषा, रामकुंवर, हेमलता, मनसुखा ने कहा कि निस्वार्थ भाव से लोगों को जागरूक कर बचाना प्रमुख उद्देश्य है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र पीडियाल गांव में 14 महिला कमांडो महिला सशक्तिकरण के साथ नशामुक्ति, स्वच्छता, कोरोना से बचाव के लिए कोरोना काल में भी जन जागरुकता अभियान चलाकर रात में गश्त कर रही है। नहर खपरी गांव में 24 महिला कमांडो सामाजिक बदलाव व कोरोना से लोगों को बचाने पहल कर रही है। नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
महिला कमांडो को रोजगार दे रहीं
महिला कमांडो की प्रमुख शमशाद बेगम ने बताया कि रात में पहरा देने वाली महिलाओं को स्वसहायता समूह से जोड़कर रोजगार भी दे रहे है। बालोद में महिला कमांडो का गठन कर सामाजिक बदलाव लाने की शुरूआत हुई थी। वर्तमान में प्रदेश के 15 जिलों की लगभग 60 हजार महिलाएं जुड़ चुकी है। जो सामाजिक बदलाव लाने, बच्चियों व महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए पहल कर रही है। अब ये निशुल्क कापी पुस्तक भी जन सहयोग से जरूरतमंदों को दे रहीं हैं।
