छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं का आतंक, राजनांदगांव में अवैध रेत खनन का विरोध करने पर युवक को मारी गोली

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आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को घेरा, भाजपा पार्षद पर आरोप, पुलिस ने घेराबंदी कर पार्षद को बचाया

राजनांदगांव। जिले के मोहड़ गांव (वार्ड क्रमांक 49) में अवैध रेत उत्खनन का विरोध करना एक युवकों को भारी पड़ गया। रेत माफियाओं ने उस पर गोली चला दी, जिसमें एक गले को छूते हुए निकल गई। युवक रोशन मंडावी गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में दो अन्य ग्रामीणों के साथ भी मारपीट की गई, जिनका उपचार जारी है।

घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी में भाजपा वार्ड पार्षद को सुरक्षित ले जाने पर ग्रामीणों ने रोककर विरोध प्रदर्शन किया और “रेत चोरी बंद करो”, “माफिया पर कार्रवाई करो” जैसे नारों के साथ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मोहड़ और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध रेत खनन किया जा रहा है, जिसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्रशासन मौन, माफिया बेलगाम

ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि अब वे विरोध करने वालों पर सीधे जानलेवा हमले करने से भी नहीं चूक रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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जनता का आक्रोश और सवाल

घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन अब भी माफियाओं के खिलाफ आंख मूंदे रहेगा? क्या रेत माफिया के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होगी या यह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा?
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही गरियाबंद जिले में अवैध रेत खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकारों पर रेत माफिया के गुर्गों ने हमला किया। उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि उनके द्वारा फायरिंग की गई। पत्रकारों पर राड से हमला किया। गाड़ी में तोड़फोड़ की। उन्हें जान बचाकर मौके से भागना पड़ा।

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