


० चेचेरे भाइयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
दुर्ग। मां-बेटे की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। महिला के प्रेमी ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला पाटन क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया का है।

एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रायपुर की रहने वाली सुनीता चतुर्वेदी (32) और उसके 8 वर्षीय बेटे काव्यांश की हत्या सुनीता के प्रेमी छत्रपाल सिंगौर और उसके चचेरे भाई शुभम सिंगौर ने मिलकर की थी। इंस्टाग्राम के जरिए सुनीता और छत्रपाल की दोस्ती हुई थी। शादी करने का झांसा देकर छत्रपाल लगातार महिला का शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान लड़के ने दूसरी लड़की से शादी कर ली। इसकी जानकारी होने पर सुनीता ने साथ रहने का दबाव बनाया तो छत्रपाल ने अपने भाई शुभम के साथ मिलकर सुनीता और उसके बेटे की हत्या कर दी और दोनों के शव को बोरी में भरकर मिट्टी के साथ कुएं में फेंक दिया।
सुनीता और छत्रपाल के बीच इंस्टाग्राम में दोस्ती हुई थी। दोनों में प्रेम हो गया। छत्रपाल झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा।
सुनीता बार-बार अपने बच्चे को लेकर छत्रपाल सिंगौर के साथ रहने के लिए दबाव बना रही थी। यह बात आरोपी छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई को बताई और उसे रास्ता से हटाने की बात कही। इसके बाद दोनों भाइयों ने सुनीता और उसके बच्चे का हत्या करने की योजना बनाई।
आरोपी छत्रपाल रायपुर से सुनीता और उसके 8 साल के बच्चे को अपनी स्कूटी में बैठाकर अपने गांव ग्राम खम्हरिया लाया, जहां उसने अपने चचेरे भाई शुभम कुमार से मिलाया। फिर दोनों भाई ने मिलकर सुनीता और उसके बच्चे को खेत ले जाकर गला दबाकर मौत के घाट उतारा। फिर दोनों का शव साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से अलग-अलग साड़ी में लपेटकर बोरी में डालकर एवं पत्थर बांधकर अलग-अलग कुएं में फेंक दिया। पतासाजी करने पर पता चला कि थाना सिविल लाइन रायपुर थाने में मृतका एवं उसके बच्चे का गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी. परिजनों ने मृतका को पहचाना। अमलेश्वर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
