छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 22 आबकारी अधिकारी निलंबित

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रायपुर। शराब घोटाला मामले में 22 आबकारी अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की रकम 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ रुपए पहुंच गई है। वहीं आरोप है कि सिंडिकेट बनाने वाले कारोबारी अनवर ढेबर को 90 करोड़ से ज्यादा मिले।
अनवर ढेबर पर आरोप है कि इन पैसों को रिश्तेदारों और CA के नाम कई कंपनियों में इन्वेस्ट किया है। EOW की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी द्वारा चालान पेश करने के बाद शराब घोटाले में शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।
शराब घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का मुद्दा पिछले दिनों नरेश गुप्ता ने उठाया था। नरेश गुप्ता के ट्वीट के बाद सरकार हरकत में आई और एक्शन लिया है।

इन अफसरों पर गिरी गाज

शराब घोटाले में ज़िला आबकारी अधिकारी जनार्दन कौरव, उपायुक्त अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद पाटले,सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, मंजूश्री कसेर, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनिक, सोनल नेताम, प्रकाश पाल, अलेखराम सिदार, आशीष कोसम, राजेश जायसवाल, जिला आबकारी अधिकारी इकबाल खान, नितिन खंडूजा, मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, उपायुक्त नीतू नोतानी ठाकुर और नोहर सिंह ठाकुर को निलंबित किया गया है। इस प्रकरण में 29 आबकारी अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। उसमें 22 सेवारत हैं, 7 रिटायर हो चुके हैं और एक की मृत्यु हो गई है।

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