
दुर्ग। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में इंडियन वेटनरी एसोसिएशन तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में *“स्ट्रेन्दनिंग वन हेल्थ सिनर्जीः कॅाम्बेटिंग एण्टीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (एएमआर) थ्रु क्रॉस सेक्टोरियल इनोवेशन एण्ड इंटीग्रेशन“* विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 6 – 7 अक्टूबर को आयोजित है।
उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि रामविचार नेताम मंत्री आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास, विशिष्ट अतिथि गजेन्द्र यादव, मंत्री स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य, विजय बघेल सांसद दुर्ग, ललित चन्द्राकर विधायक, दुर्ग ग्रामीण, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा विधायक अहिवारा एवं बोर्ड मेंबर कामधेनु विश्वविद्यालय होंगे। अध्यक्षता कुलपति डॉ.आरआरबी सिंह करेंगे।
विशेष अतिथि डॉ.प्रवीण मलिक पशुपालन आयुक्त भारत सरकार, लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ एम्स, रायपुर, डॉ.गिरीश चंदेल कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, प्रो.रविरत्न सक्सेना, कुलपति महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा पाटन, डॉ.विनोद कुमार वर्मा कुलपति लुवास, हिसार (हरियाणा), डॉ.प्रज्ञा यादव, निदेशक एनआईओएच नागपुर, डॉ.जी.मणी मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड, रायपुर, डॉ.सुधीर कुमार अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन, अधिष्ठाता डॉ.संजय शाक्य एवं कुलसचिव डॉ.बीपी राठिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा।
आयोजन सचिव डॉ. निधि रावत ने बताया कि यह सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्यजीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्वता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी, जिसका उद्देश्य “वन हेल्थ“ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटना है।
आयोजन सचिव डॉ.सन्नाट ने बताया कि इस सम्मेलन को सफल बनाने हेतु शिक्षकों, शोधकर्ताओं, पशुचिकित्सकों, चिकित्सा वैद्यो, क्षेत्रीय विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इस सम्मेलन में 8 तकनीकी सत्र तथा पोस्टर प्रजेन्टेंशन होगा एवं इस राष्ट्रीय सम्मेलन में लगभग 200 प्रतिभागियों की सहभागिता रहेगी। इस राष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी द्वारा दी गई है।
