
० महापौर अलका बाघमार ने कहा “‘मोर शहर मोर जिम्मेदारी’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि शहर को संवारने का संकल्प है

० अतिक्रमण हटते ही बदली इंदिरा मार्केट, पुराना बस स्टैंड की तस्वीर
दुर्ग। शहर के हृदय स्थल पुराने बस स्टैंड के सामने सड़क किनारे की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। कुछ माह पहले तक यह स्थान अतिक्रमण और अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ था। ठेले-खोमचे और अस्थायी कब्जों के कारण यहां रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी, जिससे खरीदारी के लिए आने वाले नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं आयुक्त सुमित अग्रवाल के सख्त निर्देश पर नगर निगम के बाजार विभाग और अतिक्रमण विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे से कब्जे हटवाए गए और जगह को पूरी तरह खाली कराया गया।
महापौर अलका बाघमार ने बताया कि निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत व सख्ती के साथ चलाए गए अभियान के तहत अतिक्रमण हटाया गया।
महापौर ने कहा कि जहां कभी अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी, आज वही स्थान सुंदर गार्डन, आकर्षक लाइटिंग और स्वच्छ वातावरण के साथ शहर की नई पहचान बन चुका है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि शहर की सुंदरता और व्यवस्था बनाए रखने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इसी प्रकार इंदिरा मार्केट कपड़ा लाइन का स्वरूप बदल गया है। मुश्किलों के बावजूद नगर निगम प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाकर इतिहास रचा। महापौर अलका बाघमार की सोच के अनुरूप इंदिरा मार्केट में सौंदर्यकरण का असर दिखने लगा है।
‘मोर शहर मोर जिम्मेदारी’ के तहत बना आकर्षक गार्डन
खाली कराई गई भूमि को यूं ही नहीं छोड़ा गया। सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत मेगा ग्रुप एजेंसी के संचालक मनीष पारख ने ‘मोर शहर मोर जिम्मेदारी’ अभियान से प्रेरित होकर यहां एक सुंदर गार्डन विकसित कराया। गार्डन में हरियाली के साथ-साथ आम नागरिकों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई है, जिससे यह स्थान अब विश्राम स्थल के रूप में भी विकसित हो रहा है।
एलईडी लाइटिंग से
स्थल की खूबसूरती बढ़ गई है। शाम ढलते ही यह क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठता है और राहगीरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है।
रात के समय यह स्थान अब सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित नजर आता है, जो शहर की बदलती तस्वीर है।
