नशाखोरी के अड्डे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, वार्ड 17 में अवैध होटल किया ध्वस्त 

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दुर्ग। नगर निगम द्वारा आज वार्ड 17 स्थित मानस भवन के पास अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। महापौर अलका बाघमार एवं निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के समक्ष लगातार वार्डवासियों द्वारा शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि मानस भवन से लगे क्षेत्र में एक होटल संचालक द्वारा सड़क एवं शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर व्यवसाय किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों एवं राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

महापौर एवं आयुक्त के निर्देश पर विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया परन्तु देशमुख होटल संचालक द्वारा नोटिस मिलने के बाद उसका जवाब नहीं दिया गया। जिस पर वार्ड क्रमांक 17 मानस भवन के पास संचालित एक अवैध होटल पर आज बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया।

स्थानीय पार्षद व लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चंद्रकार को वार्ड नागरिकों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि उक्त होटल नशाखोरी का अड्डा बन चुका था। यहां रोजाना असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था तथा आए दिन लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा था और आम नागरिकों में भय एवं असुरक्षा की स्थिति निर्मित हो रही थी। वार्ड पार्षद व लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चंद्राकर की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर एवं आयुक्त ने मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

नोटिस के माध्यम से अतिक्रमण हटाने एवं जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, किंतु होटल संचालक द्वारा नोटिस को नजरअंदाज करते हुए निगम कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देना उचित नहीं समझा गया।निर्धारित समयावधि समाप्त होने के पश्चात निगम प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

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आज निगम के उप अभियंता विकास दमाहे, उपअभियंता सिद्धार्थ साहू, अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर सहित अतिक्रमण अमले ने मौके पर पहुंचकर पुलिस बल एवं अधिकारियों की उपस्थिति में बुलडोजर की सहायता से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया तथा सड़क को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखी गई।

निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सड़क एवं सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा कर व्यवसाय संचालित करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा शहर को व्यवस्थित, सुगम एवं स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें। लगातार मिल रही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई निगम की प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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