

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज 31 मार्च है और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कथन अनुसार छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का आखिरी दिन है। कल लोकसभा में उन्होने झूठ बोला कांग्रेस की सरकार ने मदद नहीं की। मैं चुनौती देता हूं कि अमित शाह को जिस मंच में जिस जगह पर स्थान और समय तय कर ले मैं बहस के लिये तैयार हूं। लेकिन प्रदेश को और देश को गुमराह नहीं करना चाहिये। वह झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं। नक्सलवाद के मामले में कांग्रेस का स्टैण्ड बहुत स्पष्ट रहा है और हमारी सरकार ने कांग्रेस की नीति के अनुरूप काम किया है। राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से हमने वहां के आदिवासियों को सम्पन्न बनाया। वनअधिकार पट्टे दिये, स्कूल खोले, उनके इलाज की व्यवस्था की, पीडीएस की दुकाने खोली, राशन कार्ड दिए जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इससे महरूम रखा था, वंचित रखा था।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने सब काम किये एवं नक्सल मोर्चे पर दो तरह की रणनीति अपनाई, पहली बात है कि बस्तर आदिवासियों की विश्वास अर्जित करना और दूसरी बात जैसे-जैसे नक्सली पीछे हटते गये वहां हमने विकास के कार्य किये। लोगों का विश्वास बढ़ा और मुख्यधारा में लोग लौटे। नक्सलवाद पीछे हटा और 600 गांव हमने खाली करवाये।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैं अमित शाह से पूछना चाहता हूं कि शाह ने घोषणा किया था कि जिस गांव में नक्सलवाद मुक्त होगा उस गांव में हम 1 करोड़ रुपए देगें। अब नक्सलवाद आज 31 मार्च है, समाप्त हो गया। अमित शाह बताये बस्तर के प्रत्येक गांव में 1 करोड़ रुपए कब देंगे ? शाह लगातार झूठ बोल रहे है और बस्तर में जो हमारे डीआरजी के जवान शहीद हुये जो छत्तीसगढ़ के सरकार ने नियुक्त किया था और उन्हीं के बदौलत, ताकतवर और उन्हीं की शहादत से ही नक्सलवाद आखिरी सांसे ले रहा है। शाह उनके बलिदान को नकार रहे हैं। ऐसे में अमित शाह 5 साल से हमारे जो जवान शहीद हुये उनका अपमान कर रहे है और झूठ पर झूठ बोले जा रहे है। आंकड़े निकाल कर देख लीजियेगा कि कितने हमारे जवान शहीद हुये, कितने मोर्चे पर हमने लड़ाई लड़ी, कितने जगह हमने नये कैंप खोले, कितने पीडीएस की दुकाने खोली, कितने स्कूल खोले, कितने आंगनबाड़ी खोले, कितनी सड़के बनाई वो रिकार्ड में दर्ज है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अमित शाह झूठ मत बोलिये। आपको शर्म आनी चाहिये। आपको छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगनी चाहिये। अन्यथा आप बहस के लिये तैयार हैं तो समय और स्थान तय करिये मैं निश्चित रूप से वहां उपस्थित होऊंगा।
