धरमजयगढ़ में 123 हाथियों का झुंड, ग्रामीण और प्रशासन की उड़ी नींद 

Share this

 

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। वर्तमान में जिले में कुल 123 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र के लिए एक रिकॉर्ड संख्या है। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति छाल रेंज में है, जहां 35 हाथियों का एक विशाल दल गांव के बिल्कुल करीब विचरण करते हुए देखा गया है। हाथियों के इस दल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे जंगल और रिहायशी इलाके की सीमा पर घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।

धरमजयगढ़ वन मंडल हमेशा से हाथियों के कॉरिडोर का हिस्सा रहा है, लेकिन 123 हाथियों का एक साथ मौजूद होना असामान्य है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% अधिक है, जो मानव-हाथी द्वंद्व के खतरे को बढ़ा रही है। छाल रेंज में सक्रिय 35 हाथियों का दल सबसे बड़ा है, जो फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाने की ताक में है।

वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और 24 घंटे निगरानी रख रही हैं। ग्रामीणों को शाम के बाद घरों से बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। 2026 में रायगढ़ जिले में अब तक हाथी के हमले से 3 लोगों की मौत और दर्जनों घरों के टूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

धरमजयगढ़ वन मंडल के अधिकारी ने कहा है कि हाथियों की संख्या में यह अप्रत्याशित वृद्धि हमारे लिए बड़ी चुनौती है। 123 हाथी एक बड़ा आंकड़ा है। हमारी प्राथमिकता जान-माल की सुरक्षा है। हम तकनीक का इस्तेमाल कर दल को रिहायशी इलाकों से दूर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

READ MORE  बड़ी खबर : न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश पद की ली शपथ, डीवाई चंद्रचूड़ की ली जगह

उन्होंने कहा 2026 में रायगढ़ जिले में बढ़ते मानव-हाथी द्वंद्व को देखते हुए वन विभाग दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम कर रहा है। हाथियों के कॉरिडोर की सुरक्षा और ग्रामीणों के लिए त्वरित मुआवजा प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है।

Share this